ग्रेड पे समेत कई मांगों को लेकर नर्सों के देश व्यापी आंदोलन के समर्थन में प्रदेश भर की नर्सें भी सामूहिक अवकाश पर रही। व्यवस्था बनाने को अस्पताल प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था की। जिसके बाद जेआर समेत अन्य ने कमान संभाली।
दून मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डा. केके टम्टा ने बताया कि अस्पताल में 11 सीनियर रेजीडेंट, 25 जूनियर रेजीडेंट, 11 एमबीबीएस इंटर्न, 12 आयुर्वेद इंटर्न, 18 एमएससी नर्सिंग, 30 बीएससी नर्सिंग और 30 जेएनएम प्रशिक्षणार्थियों की तैनाती की गई थी, जिससे अस्पताल में ऑपरेशन समेत सभी व्यवस्थाएं सामान्य रूप से चली।
राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल दून और दून महिला पर नर्सों के इस आंदोलन का कोई असर नहीं पड़ा। अस्पताल में सामान्य सेवाओं के साथ ही ऑपरेशन तक की व्यवस्था अन्य दिनों की तरह चली। नर्सों के वेतनमान में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार कमी पर देशभर की नर्सें विरोध जता रही है।
शुक्रवार को देश भर की नर्सों ने सामूहिक अवकाश पर रहकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। राजधानी देहरादून में सुबह नर्सों ने बैठक में आंदोलन की रणनीति बनाई। उन्होंने कहा कि छठे वेतन आयोग के अनुसार नर्सों को यूनिफॉर्म और उसकी धुलाई का भत्ता अलग से दिया जाता था।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में इन्हें कम कर दिया गया है। उन्होंने अस्पतालों में नर्सों की भर्ती संविदा के आधार पर न करने और उन्हें नियमित नर्सों के बराबर ही वेतनमान देने की मांग की।