जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार रात प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक से हुए विवाद के बाद एक नर्स ने आत्महत्या का प्रयास किया। नर्स ने मिर्गी रोगी को दी जाने वाली दवाइयां खुद खा लीं। हालत बिगड़ने पर नर्स को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक पर अभद्रता का आरोप लगा है। इसको लेकर स्टाफ और नर्स के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा भी किया। परिजनों ने डीएम और एसपी से मामले की शिकायत की। डीएम ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
पीएमएस और ड्यूटी पर तैनात नर्सों में विवाद हो गया
अस्पताल में बृहस्पतिवार रात डेढ़ बजे एक मरीज को सामान्य वार्ड में भर्ती करने को लेकर पीएमएस डॉ. एचएस खड़ायत और ड्यूटी पर तैनात नर्सों में विवाद हो गया। आरोप है कि पीएमएस ने कुछ स्टाफ नर्सों को बुरी तरह लताड़ लगा दी। इससे नर्स भड़क गईं और उनकी पीएमएस से खूब तकरार हुई।
पीएमएस के जाने के बाद तैश में आकर 29 वर्षीय एक नर्स मरीज को दी जाने वाली दवा खुद खा ली। कुछ देर बार उसकी हालत बिगड़ गई। इससे अस्पताल स्टाफ में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में नर्स को भर्ती कर दिया गया। इस बीच ड्यूटी पर तैनात स्टाफ पीएमएस के व्यवहार को लेकर भड़क गया। शुक्रवार सुबह उन्होंने पीएमएस खड़ायत का घेराव किया। पीएमएस के खेद जताने के बाद उनका गुस्सा शांत हुआ।