हरिद्वार से आए डेंगू रोगी गंगा प्रसाद (60) को प्लेटलेट्स चढ़ाने में घंटों लग गए। रोगी को दोपहर को अस्पताल लाया गया। उसे प्लेटलेट्स चढ़नी थीं। नर्स स्टाफ दोपहर के बाद कार्य बहिष्कार पर था।
इंटर्न ड्रिप लगाने के लिए नस ही नहीं ढूंढ पाए। इसमें बहुत देर लग गई। बाद में डाक्टर की मदद से ड्रिप लग पाई। विभिन्न मांगों को लेकर नर्सों ने बुधवार को भी कार्य बहिष्कार जारी रखा। एक शिफ्ट में काम करने के बाद नर्स स्टाफ घर चला गया।
दिक्कत का सामना
वार्डों के मरीजों को नर्सों के न होने से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। रात को बेडिंग बदलने में दिक्कत होती है। इंटर्न मरीजों का बेड दुरुस्त करने से गुरेज करते हैं। मरीजों का कहना है कि रात को उन्हें इंजेक्शन समय से नहीं लग पाते हैं। इमरजेंसी में आने वाले रोगियों स्ट्रेचर नहीं मिले। परिजन अपने परिजनों को गोद में उठाकर अंदर ले गए।
नर्स स्टाफ भी आंदोलन में शामिल
नर्सों ने सुबह की शिफ्ट का काम करने के बाद दून अस्पताल परिसर में बैठक की। उत्तराखंड नर्सेस एंड सर्विसेस एसोसिएशन की अध्यक्ष अंजना भौमिक ने कहा कि ड्यूटी पर लगाए गए संविदा नर्स स्टाफ को परेशान किया जा रहा है। अगर उन्हें परेशान किया गया तो संविदा नर्स स्टाफ को भी आंदोलन में शामिल कर लिया जाएगा। दून अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा आरएस असवाल ने बताया कि इंटर्न व्यवस्था संभाले हुए हैं। वह खुद रात को वार्डों का निरीक्षण करते हैं।