उत्तराखंड में बेरोजगारों की फौज खड़ी होती जा रही है। सेवायोजन विभाग के आंकड़े देखें तो नौ महीने में राज्य में केवल 313 युवाओं को ही नौकरी मिल सकी है, जबकि बेरोजगारों की संख्या एक लाख 38 हजार 162 तक बढ़ गई।
इस तरह प्रदेश में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 9 लाख 59 हजार 785 पहुंच गई है। इसमें सर्वाधिक पंजीकृत बेरोजगारों में देहरादून प्रदेश में अव्वल है जबकि ऊधमसिंह नगर जिला दूसरे नंबर पर है।
राज्य गठन के समय प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या करीब डेढ़ लाख थी, लेकिन बेरोजगारों की तादाद में तेजी से इजाफा हो रहा है। प्रदेश सरकार के तमाम दावों के बावजूद युवाओं को रोजगारों नहीं मिल पा रहा है। युवाओं को सरकारी महकमों की बात तो दूर निजी सेक्टर तक में आसानी से जॉब नहीं मिल रही।
यही वजह है कि पिछले साल दिसंबर 2016 तक पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या आठ लाख 21 हजार 623 थी और इस साल जनवरी से लेकर सितंबर तक यह आंकड़ा नौ लाख 59 हजार 785 पर पहुंच गया। इसमें सर्वाधिक बेरोजगारों की संख्या चार लाख 3 हजार 578 इंटरमीडिएट उत्तीर्ण युवाओं की है जबकि हाईस्कूल पास बेरोजगार एक लाख 67 हजार 803 पंजीकृत हैं।
सेवायोजन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से लेकर सितंबर तक पंजीकृत बेरोजगारों में 313 युवाओं को ही नौकरी मिल सकी है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी नौकरी के लिए सेवायोजन में पंजीकरण अनिवार्य होने की वजह से भी पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या में इजाफा हो रहा है।