उत्तराखंड में टिहरी के नैनबाग क्षेत्र में बच्ची से दुष्कर्म प्रकरण पर केंद्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने जांच बैठा दी है। आयोग ने पुलिस महानिदेशक और टिहरी जनपद के जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रकरण से जुड़े सभी तथ्य और उन तथ्यों के आलोक में अब तक की गई कार्रवाई का तत्काल ब्योरा तलब किया है। मंगलवार को आयोग की सदस्य स्वराज विद्वान भी देहरादून पहुंचेंगी। वे देहरादून में पुलिस और शासन के अधिकारियों से प्रकरण के संबंध में ब्योरा लेंगी। वे पीड़िता के परिजनों से मिलने टिहरी भी जाएंगी।
आयोग के निदेशक कौशल कुमार ने प्रकरण पर लिए गए संज्ञान के संबंध में पुलिस महानिदेशक व टिहरी के जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र जारी कर दिया है। आयोग ने प्रकरण को बेहद गंभीर माना है। पत्र में निदेशक ने कहा है कि आयोग ने समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर मामले में संज्ञान लिया। उनसे पत्र की प्राप्ति के साथ ही फैक्स पर ही अब तक की कार्रवाई से अवगत कराने को कहा गया है। जवाब प्राप्त न होने की सूरत में आयोग ने तीनों अधिकारियों को आगाह किया है कि उन्हें अथवा के उनके प्रतिनिधि को व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष प्रस्तुत होना होगा।
मंगलवार को देहरादून आएंगी आयोग की सदस्य
घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य स्वराज विद्वान मंगलवार को देहरादून पहुंच रही हैं। वे देहरादून में स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से वार्ता करेंगी। वे प्रकरण के संबंध में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत करेंगी। उनकी पत्रकार वार्ता होगी। वे दून अस्पताल में भर्ती बच्ची की कुशलक्षेम पूछने अस्पताल भी जाएंगी। इसके बाद पीड़िता के परिजनों से मिलने टिहरी स्थित उनके गांव जाएंगी। प्रवास के दौरान उनका अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े सामाजिक संगठनों से वार्ता का भी कार्यक्रम हैं। वे राज्यपाल से भी मुलाकात करेंगी।
घटना बेहद घृणित है। आयोग की सदस्य होने के नाते मैंने इस प्रकरण का बेहद गंभीरता के साथ संज्ञान लिया है। पुलिस महानिदेशक व टिहरी जिला प्रशासन व पुलिस को अब तक की कार्रवाई के बारे में ब्योरा मांगा है। मैं मंगलवार को देहरादून आ रही हूं।
-स्वराज विद्वान, सदस्य, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग