शौर्य डोभाल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था आज इतनी मजबूत हो चुकी है कि हर छह महीने में एक पाकिस्तान उसमें जुड़ जाता है। आजादी के समय अर्थव्यवस्था 30 पैसे थी। 70 साल के बाद 100 पैसे हो गई। 70 साल में भारत की अर्थव्यवस्था तीन गुणा बढ़ी है। जो आने वाले पांच सालों में पांच गुणा तक बढ़ जाएगी। जो हर छह महीनों में एक पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के अपने में समाहित कर लेगी।
देश के 50 लोगों ने देश के 130 करोड़ लोगों का हक मारा
राफेल एयरक्राफ्ट की फ्रांस से खरीद को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में शौर्य डोभाल ने कहा कि देश के मात्र 50 लोगों ने अपनी कमाई के चक्कर में देश के 130 करोड़ लोगों को हक मार लिया। इसी का परिणाम है कि आज भारत को देशों से एयरक्राफ्ट खरीदने पड़ रहे है, लेकिन वह दिन दूर नहीं जब भारत अपने तेजस एयरक्राफ्ट को दुनिया में बेचेगा।
मनोरंजन के तौर पर लें मीडिया को
शौर्य डोभाल ने एक सवाल के जवाब में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को नकारात्मकता से दूर रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मीडिया को मनोरंजन के तौर पर लिया जाना चाहिए।
शौर्य डोभाल ने कहा कि केवल सरकार की नीतियों से उत्तराखंड का समग्र विकास नहीं हो सकता। यहां के बुद्धिजीवी लोगों को विकास का अपना एजेंडा तैयार करना होगा। उन्होंने कहा सरकार की कार्ययोजना केवल पांच साल की होती है और समाज को दूरगामी सोच के साथ चलना होता है। उन्होंने उत्तराखंड की बेहतरी के लिए यहां का विस्तृत आर्थिक मॉडल तैयार करने की बात कही।
यह बात शौर्य डोभाल ने पहाड़ी महासभा की ओर से ज्वालापुर के एक होटल में आयोजित संवाद एवं अभिनंदन कार्यक्रम कही। उन्होंने उत्तराखंड के मौजूदा हालात को बहुत ज्यादा संतोषजनक नहीं बताया। पलायन पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि जब तक पर्वतीय क्षेत्र में अपनी माटी, भाषा, लोक कला, संस्कार और परंपरा से युवा पीढ़ी का जुड़ाव नहीं होगा, तब तक समग्र विकास की बात बेमानी है। राजनीति के प्रति युवाओं का बढ़ता रुझान भी उन्हें नहीं भाया।
उन्होंने कहा कि वे पूरे राज्य का भ्रमण करने के बाद पाया कि जिस पहाड़ के युवाओं की पहचान मेहनतकश के रूप में होती थी वह कम समय में ज्यादा पाने की होड़ में तरमीम नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे खाली होते जा रहे गांव को आपस में मिलाकर विकास करें, गांव का विकास होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने नजरिये से विकास करती है और सभी सरकारों ने अपने अपने एजेंडे से कार्य किया है।
सरकार को दोष देना उचित नहीं है। उत्तराखंड का अपना अर्थव्यवस्था का मॉडल तैयार करना होगा। उन्होंने युवाओं के कई सवालों के जवाब भी दिए। महासभा के अध्यक्ष दिनेश सकलानी की अध्यक्षता और धीरज बिष्ट के संचालन में हुए कार्यक्रम में डॉ. दिनेश चंद्र भट्ट, दिनेश जोशी, हरिनारायण जोशी, जेपी जुयाल, हरीश भदौला, देवकीनंदन पुरोहित, बीपी उनियाल, महेंद्र असवाल, विपुल डंडरियाल, मोहन सिंह बुटोला, हीरा बिष्ट, मयंक पोखरियाल, हरीश रावत, सतीश सेंथवाल, वीरेंद्र असवाल, जितेंद्र पोखरियाल, विष्णु सेमवाल, त्रिलोक चंद्र भट्ट, अनूप बहुखंडी, जगत सिंह रावत, सतीश जोशी आदि मौजूद रहे।