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एनएसए अजीत डोभाल के बेटे शौर्य बोले, एक हजार साल की गुलामी के बाद भी आज भारत सशक्त

Tue, 01 Oct 2019 08:25 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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शौर्य डोभाल - फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे भाजपा नेता शौर्य डोभाल ने कहा कि भारत एक हजार साल तक गुलाम रहने के बाद भी आज दुनिया के शीर्ष देशों में खड़ा है। इस देश में कुछ तो खास बात है जो हजारों सालों की गुलामी सहन के बाद भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आजादी के 72 साल में एक मजबूत भारत बन गया। अंतरिक्ष और मिसाइल तकनीक में भारत दुनिया को अपना लोहा मनवा चुका है। 

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गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में ‘इंडिया 2050: विश्व गुरु बनेगा भारत’ विषय पर बोलते हुए इंडिया फाउंडेशन, थिंक टैंक के संस्थापक शौर्य डोभाल ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आजादी के बाद नई-नई तकनीकों का प्रयोग किया। उस समय भारत किसी देश के साथ खड़ा नजर नहीं आता था। बावजूद इसके आजादी के बाद देश ने तरक्की के नए मार्ग खोजे। 1970 दशक के बाद भारत ने न्यूक्लियर पावर के रूप में अपनी धाक जमाई। 

शौर्य डोभाल ने कहा कि देश की आजादी के समय भारत की आबादी करीब 30 करोड़ थी और लोग भूख से मर रहे थे। आज देश की आबादी 130 करोड़ हो चुकी है और देश में 30 प्रतिशत भोजन हर रोज वेस्ट हो जाता है। आज भारत की सेनाओं की गिनती दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में की जाता है।
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मिसाइल, रक्षा, अंतरिक्ष, उद्योग, कृषि, आईटी आदि क्षेत्र में देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा देश विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब आगे आने वाली पीढ़ी की जिम्मेदारी बनती है कि वह भारत की इस बढ़ी शक्ति को आगे तक बनाए रखें।

छह महीने में भारत में जुड़ता एक पाकिस्तान

शौर्य डोभाल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था आज इतनी मजबूत हो चुकी है कि हर छह महीने में एक पाकिस्तान उसमें जुड़ जाता है। आजादी के समय अर्थव्यवस्था 30 पैसे थी। 70 साल के बाद 100 पैसे हो गई। 70 साल में भारत की अर्थव्यवस्था तीन गुणा बढ़ी है। जो आने वाले पांच सालों में पांच गुणा तक बढ़ जाएगी। जो हर छह महीनों में एक पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के अपने में समाहित कर लेगी। 

देश के 50 लोगों ने देश के 130 करोड़ लोगों का हक मारा
राफेल एयरक्राफ्ट की फ्रांस से खरीद को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में शौर्य डोभाल ने कहा कि देश के मात्र 50 लोगों ने अपनी कमाई के चक्कर में देश के 130 करोड़ लोगों को हक मार लिया। इसी का परिणाम है कि आज भारत को देशों से एयरक्राफ्ट खरीदने पड़ रहे है, लेकिन वह दिन दूर नहीं जब भारत अपने तेजस एयरक्राफ्ट को दुनिया में बेचेगा।

मनोरंजन के तौर पर लें मीडिया को 
शौर्य डोभाल ने एक सवाल के जवाब में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को नकारात्मकता से दूर रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मीडिया को मनोरंजन के तौर पर लिया जाना चाहिए। 
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‘उत्तराखंड को बनाना होगा अपनी अर्थव्यवस्था का मॉडल’

शौर्य डोभाल ने कहा कि केवल सरकार की नीतियों से उत्तराखंड का समग्र विकास नहीं हो सकता। यहां के बुद्धिजीवी लोगों को विकास का अपना एजेंडा तैयार करना होगा। उन्होंने कहा सरकार की कार्ययोजना केवल पांच साल की होती है और समाज को दूरगामी सोच के साथ चलना होता है। उन्होंने उत्तराखंड की बेहतरी के लिए यहां का विस्तृत आर्थिक मॉडल तैयार करने की बात कही। 

यह बात शौर्य डोभाल ने पहाड़ी महासभा की ओर से ज्वालापुर के एक होटल में आयोजित संवाद एवं अभिनंदन कार्यक्रम कही। उन्होंने उत्तराखंड के मौजूदा हालात को बहुत ज्यादा संतोषजनक नहीं बताया। पलायन पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि जब तक पर्वतीय क्षेत्र में अपनी माटी, भाषा, लोक कला, संस्कार और परंपरा से युवा पीढ़ी का जुड़ाव नहीं होगा, तब तक समग्र विकास की बात बेमानी है। राजनीति के प्रति युवाओं का बढ़ता रुझान भी उन्हें नहीं भाया। 

उन्होंने कहा कि वे पूरे राज्य का भ्रमण करने के बाद पाया कि जिस पहाड़ के युवाओं की पहचान मेहनतकश के रूप में होती थी वह कम समय में ज्यादा पाने की होड़ में तरमीम नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे खाली होते जा रहे गांव को आपस में मिलाकर विकास करें, गांव का विकास होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने नजरिये से विकास करती है और सभी सरकारों ने अपने अपने एजेंडे से कार्य किया है।

सरकार को दोष देना उचित नहीं है। उत्तराखंड का अपना अर्थव्यवस्था का मॉडल तैयार करना होगा। उन्होंने युवाओं के कई सवालों के जवाब भी दिए। महासभा के अध्यक्ष दिनेश सकलानी की अध्यक्षता और धीरज बिष्ट के संचालन में हुए कार्यक्रम में डॉ. दिनेश चंद्र भट्ट, दिनेश जोशी, हरिनारायण जोशी, जेपी जुयाल, हरीश भदौला, देवकीनंदन पुरोहित, बीपी उनियाल, महेंद्र असवाल, विपुल डंडरियाल, मोहन सिंह बुटोला, हीरा बिष्ट, मयंक पोखरियाल, हरीश रावत, सतीश सेंथवाल, वीरेंद्र असवाल, जितेंद्र पोखरियाल, विष्णु सेमवाल, त्रिलोक चंद्र भट्ट, अनूप बहुखंडी, जगत सिंह रावत, सतीश जोशी आदि मौजूद रहे। 
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