स्थिति यह रही कि गुप्ता बंधुओं द्वारा जितनी धनराशि कूड़ा निस्तारण के लिए दी गई, उससे अधिक नगर पालिका जोशीमठ द्वारा खर्चा किया गया। गुप्ता बंधुओं ने 54000 रुपये कूड़ा निस्तारण के लिए पालिका प्रशासन को दिए गए थे।
कूड़े को रिसाइकिल के लिए मैदानी क्षेत्रों में भेजा गया। हालांकि शेष धनराशि का भुगतान भी गुप्ता बंधुओं की ओर से कर दिया गया था। लेकिन शाही शादी संपन्न होने के बाद औली को गहरे जख्म मिले थे।
यहां बुग्याल में बेरहमी से खुदाई की गई थी। बाद में नगर पालिका की ओर से शादी आयोजन स्थल को मिट्टी से पाट दिया गया था। इस आयोजन में देशभर के 150 वीवीआईपी शामिल हुए थे।