राजधानी में पेड़ों पर विज्ञापन के होर्डिग्स, बैनर लगाने वालों की अब खैर नहीं होगी। उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद भी नहीं माने तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए प्रभागीय वनाधिकारी ने रेंजरों को हिदायत दी है कि वे अपने अपने क्षेत्रोें में उन लोगों को चिन्हित करें जिन्होंने पेड़ों पर होर्डिग्स व बैनर लगाए हुए हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान ने बताया कि वृक्ष संरक्षण अधिनियम-1976 की धाराओं के तहत किसी भी वृक्ष पर विज्ञापन, होर्डिंग्स लगाने के साथ ही उसमें कील ठोकना अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे में रेंजरों को हिदायत दी गई है कि वे राजधानी के अलावा नगरीय क्षेत्रों में मसलन ऋषिकेश, डोईवाला, विकासनगर, जैसे इलाकों में उन पेड़ों को चिन्हित करें जिन पर बैनर, होर्डिंग्स लगाए गए हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित करने के साथ ही उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रभागीय वनाधिकारी ने आदेश जारी किया है कि जिन पेड़ों पर होर्डिंग्स या बैनर लगाए गए हैं उन्हें तत्काल हटाया जाए।
सीएम तक मामला पहुंचा तो वनाधिकारियाें से रिपोर्ट तलब
दरअसल, कुछ दिन पहले मोहनपुर निवासी वीरू बिष्ट ने सीएम पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायत में बताया कि चकराता रोड, हरिद्वार रोड, घंटाघर, राजपुर रोड के दोनों तरफ पेड़ों पर होर्डिंग्स व बैनर लगाए गए हैं। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सीएम कार्यालय ने प्रभागीय वनाधिकारी से रिपोर्ट तलब की। जिस पर बृहस्पतिवार को प्रभागीय वनाधिकारी की ओर से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि जिन इलाकों में होर्डिंग्स व बैनर लगाने की शिकायत की गई है, उन इलाकों से सभी बैनर व होर्डिग्स हटा दिए गए हैं।
कोट ::
राजधानी के किसी भी इलाके में यदि पेड़ाें पर विज्ञापन से संबंधित बैनर, होर्डिंग्स लगाए गए तो विज्ञापनदाता कंपनी के खिलाफ वृक्ष संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में अधीनस्थ अधिकारियाें को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
- राजीव धीमान, प्रभागीय वनाधिकारी