इधर, महिलाओं को प्रशिक्षण दे रही एनआरएलएम की जिला थ्रिमेटिक विशेषज्ञ भावना पंवार और ऊषा घिल्डियाल ने बताया कि केदारनाथ मंदिर की यह प्रतिकृति, मंदिर की संरचना कुमाऊं की ऐंपण कला का मिश्रण है। इस प्रतिकृति के रंग मंदिर के वास्तविक रंगों के समान हैं।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति बाबा के दर्शनार्थियों के लिए एक स्मृति का प्रतीक है। इसे तैयार करने का मुख्य उद्देश्य स्थानीय महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ उन्हें रोजगार प्रदान करना है। टाटा ट्रस्ट आदि कंपनियों द्वारा अधिकाधिक प्रतिकृति उपलब्ध कराने की मांग की गई है।