रेफर करने वाले चिकित्सकों को दर्ज करना होगा कारण, डीएम करेंगे पाक्षिक समीक्षा
कोरोनेशन (जिला अस्पताल) से बेवजह अब मरीजों को दून अस्पताल रेफर नहीं किया जा सकेगा। यदि मरीज को दून अस्पताल रेफर किया जाएगा तो चिकित्सकों को कारण भी लिखना होगा। रेफर करने के कारणों की जांच की जाएगी और डीएम सविन बंसल इसकी पाक्षिक समीक्षा करेंगे। कोरोनेशन में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद मरीज रेफर किए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि कोरोनेशन अस्पताल रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। यहां आने वाले अधिकतर मरीजों को दून अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। इससे मरीज और तीमारदारों की फजीहत होती है। तीमारदारों को सलाह दी जाती है कि दून अस्पताल में अच्छे डॉक्टर और सुविधाएं हैं। दून अस्पताल की इमरजेंसी के आंकड़े बताते हैं कि रोजाना करीब 10 मरीज कोरोनेशन से दून अस्पताल रेफर होकर आते हैं। जबकि दो से तीन बच्चे भी इनमें शामिल हैं। नई व्यवस्था से मरीजों के बेवजह रेफर किए जाने पर कमी आएगी।
डाक्टरों को बताना होगा, कब किए ऑपरेशन
जिलाधिकारी सविन बंसल ने पिछले दिनों राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में पाया कि हॉस्पिटल में 5 से 6 विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात होने के बाद भी वार्ड खाली और ऑपरेशन थिएटर में कोई मरीज नहीं था। डीएम ने स्टाफ और चिकित्सकों के उपस्थिति रजिस्टर अपने कब्जे में लिए। इसके बाद डीएम ने सीएमओ को निर्देश देकर कहा कि सभी सर्जनों की जिम्म्मेदारी तय की जाए। अब सर्जन बताएंगे कि उन्होंने प्रत्येक सप्ताह कितने ऑपरेशन किए।