दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब दांत की अंदरूनी समस्या का पता लग सकेगा। मरीजों को कोन बीम कम्प्यूटेड टोमोग्राफी (सिटी) की सुविधा मिलेगी। इससे जबड़े, दांत, चेहरे की हड्डी और नाक के अंदरूनी हिस्से की समस्याओं का पता लगाया जा सकेगा।
कोन बीम कम्प्यूटेड टोमोग्राफी एक तरह की एक्स-रे इमेजिंग तकनीक है। जिससे दांतों, हड्डियों, नरम ऊतकों और चेहरे की नसों की तीन आयामों से थ्री डायमेंशनल (3डी) तस्वीरें निकलती हैं। चिकित्सक इस जांच की सलाह तब देते हैं, जब उन्हें चेहरे के आकार और ढांचे की या फिर दांतों व हड्डियों की रिपोर्ट सामान्य एक्स-रे में नहीं मिल पाती। इन तस्वीरों को जोड़कर एक 3-डी इमेज तैयार की जाती है जो अधिक विस्तृत होती है। दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. आशुतोष सयाना ने बताया, ओरल और मेक्सिलोफेशियल सर्जरी में यह मशीन उपयोगी है। जल्द ही इस की सुविधा मरीजों को मिलेगी।