दायरा बढ़ाने की भी योजना
अभी पर्यावरण उत्पाद सूचकांक (जीईपी) में चार श्रेणियां हैं, उसको भी बढ़ाने की योजना है। इसमें आने वाले समय में भूमिगत जल को शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही नदियों के अलावा अन्य जल स्रोत को भी शामिल किया जा सकता है। जीईपी सेल को लेकर एक बैठक शासन स्तर पर हो चुकी है। पीसीबी को इसमें कुछ बदलाव करने का निर्देश दिया गया है।
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पर्यावरण उत्पाद सूचकांक बन चुका है, अब पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों की निगरानी के लिए व्यवस्था होनी चाहिए। इसी के तहत जीईपी सेल के गठन का किया जा रहा है। -आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव वन