पीएफ कमिश्नर मनोज कुमार यादव का कहना है कि जो भी कंपनी पीएफ जमा कराने में तीन माह से अधिक का समय लगाएगी, उसके खिलाफ सीधे कार्रवाई की जाएगी। नोटिस वाली कंपनियों ने शीघ्र पीएफ जमा नहीं कराया तो उनके खिलाफ भी एफआईआर की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ठेकेदार भी निशाने पर
तमाम कंपनियों में लेबर या सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने वाले ठेकेदार भी ईपीएफओ के निशाने पर हैं। पीएफ कमिश्नर ने ऐसे ठेकदारों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को ही हल्द्वानी में पीएफ डकारने वाले एक ठेकेदार को गिरफ्तार किया गया है।