लगातार डेबिट कार्ड की क्लोनिंग और बैंक फ्रॉड के मामले सामने आने के बाद भी बैंक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं हैं।
सोमवार को पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे के नेतृत्व में पुलिस बैंक और एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंची तो लापरवाही की हद देखकर हैरान रह गई। ज्यादातर बैंक शाखाएं सुरक्षा की कसौटी पर खरी नहीं उतरीं। मसूरी समेत शहर के सभी थाना क्षेत्रों में दिन भर में 265 बैंक शाखाएं और 319 एटीएम चेक किए गए।
ज्यादातर में कहीं गार्ड नहीं था तो किसी में सीसीटीवी कैमरे नहीं चल रहे थे। किसी एटीएम का गार्ड बाहर घूमता मिला तो किसी जगह गार्ड बाहर बैठकर अपना काम निपटाने में लगा था। बैंक शाखाओं में भी कमोबेश यही स्थिति देखने को मिली।
पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे का कहना है कि जिन बैंकों में सुरक्षा के पर्याप्त साधन नहीं थे, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। जबकि, पटेलनगर में चार, कोतवाली में दो और क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र का एक एटीएम गार्ड न होने के चलते सील किया गया।
इस दौरान एसबीआई की मुख्य शाखा में अजब हाल देखने को मिला। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि यहां चेकिंग के दौरान गार्ड को बुलाकर अलार्म बजाने को कहा गया। यह अलार्म किसी भी घटना के वक्त बजाना होता है। गार्ड आया और उसने अलार्म स्विच (चाबी) को घुमाना शुरू कर दिया। काफी देर तक जब अलार्म नहीं बजा तो वहां बैंक प्रबंधन के लोग भी आ गए। उन्होंने तत्काल इसे ठीक कराने की बात कही, मगर उन्हें इस संबंध में नोटिस जारी कर दिया गया है।
क्रास रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में हर वक्त करोड़ों रुपये कैश रखा रहता है। यहां से शहर के 12 बैंक शाखाओं को कैश भेजा जाता है। बावजूद इसके बैंक प्रबंधन सुरक्षा को लेकर लापरवाह दिखा। यहां का अलार्म सिस्टम काम ही नहीं कर रहा था।