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एक लाख पहुंचा बैकलॉक, मायूस लौटे उपभोक्ता

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आखिर वही हुआ, जिसका डर था। कांवड़ यात्रा के चलते दून में दो दिन से रसोई गैस की सप्लाई पूरी तरह ठप है। जिसकी वजह से सोमवार को उपभोक्ताओं को एजेंसियों से बिना गैस सिलिंडर लिए मायूस लौटना पड़ा। कई दिनों से चल रही किल्लत के कारण सिलिंडरों का बैकलॉग अब एक लाख के करीब पहुंच गया है।
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भंडारी बाग चौक स्थित चुग गैस एजेंसी में पिछले दो दिन से गैस सिलिंडरों की आपूर्ति बाधित है। एजेंसी का पूरा स्टॉक खत्म हो चुका है। सोमवार को भी उपभोक्ता सिलिंडर के लिए एजेंसी पहुंचे, लेकिन किसी को गैस नहीं मिली। यही हाल निरंजनपुर स्थित सत्यशील गैस एजेंसी, बसंत विहार स्थित यूरेका, राजपुर रोड स्थित दून वैली समेत अन्य एजेंसियों का रहा। इस संबंध में उत्तरांचल एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष चमनलाल ने बताया कि 30 जुलाई को जलाभिषेक के बाद 31 जुलाई से मार्ग खुलेंगे। एक अगस्त से देहरादून में गैस सिलिंडरों के ट्रक पहुंचने शुरू हो जाएंगे। स्थिति सामान्य होने में 10-15 दिन लगेंगे।
प्रशासन के दावों की खुली पोल
कांवड़ यात्रा से पहले प्रशासन समेत संबंधित अधिकारियों ने गैस की किल्लत नहीं होने के बड़े-बड़े दावे दिए थे। लेकिन, यात्रा के दौरान 24 से 30 जुलाई तक मुख्य मार्ग बंद होने के कारण दून में लोनी, हरिद्वार और करनाल से गैस आपूर्ति बाधित हो गई। ऐसे में एजेंसियों का स्टॉक भी रविवार को खत्म हो गया और उपभोक्ताओं का मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। जिम्मेदार अधिकारी व्यवस्थाएं संभालने की बजाय मौन बैठकर तमाशा देख रहे हैं।
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नहीं सुधरा जिम्मेदारों का ढर्रा
प्रत्येक वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान रसोई गैस का संकट हो जाता है। बावजूद इसके न कंपनी प्रबंधक इसकी व्यवस्था करने की जहमत उठाते हैं और न आपूर्ति विभाग आगे आता है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है।
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