चकराता ब्लॉक के लोहारी गांव के मीनार खेड़ा के लोगों को बरसात में भी प्यास बुझाने के लिए पानी नसीब नहीं हो रहा है। खेड़ा में पानी सप्लाई करने वाली लाइन लंबे समय से क्षतिग्रस्त हैं। बीते दो माह से नलों में पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीणों को दो किमी दूर असमोटा खड्ड से पानी लाना पड़ रहा है।
सात दिन पूर्व ग्रामीणों ने श्रमदान कर पेयजल आपूर्ति बहाल करने की ठानी थी, लेकिन अब ग्रामीणों को यह प्रयास भी विफल नजर आ रहे हैं। प्रेशर अधिक होने के कारण कई मर्तबा प्लास्टिक के पाइप बीच में ही टूट जाते हैं। इस वजह से अब तक खेड़ा में पानी नहीं पहुंच सका है। खेड़ा में 150 लोगों की आबादी निवास करती है। ग्रामीण धूम सिंह चौहान, मोहर सिंह चौहान, गोविंद, रण सिंह, फकीरा, रतन, गुलाब, बोटिया, साधु का कहना है कि छानी में लोहारी, बंगार, लेबरा और उदांवा गांव के लोगों की छानिया हैं। 20 वर्ष पूर्व गांव के लिए पेयजल लाइन बिछाई गई थी, जो तीन साल पूर्व सड़क निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई। दो माह पूर्व तक नलों में थोड़ा बहुत पानी आ रहा था, लेकिन अब नल पूरी तरह से बंद हैं। ग्रामीणों ने श्रमदान कर बाउटी खड्ड से खेड़ा तक तीन किमी लाइन बिछाने का प्रयास किया, लेकिन पानी का प्रेशर अधिक होने के कारण ग्रामीणों के छानी में पहुंचने से पहले ही पाइप बीच में टूट जा रहे हैं।
वहीं, मामले में जलनिगम पुरोड़ी के अधिशासी अभियंता एसके बर्नवाल का कहना है कि ऐसा कोई भी मामला संज्ञान में नहीं है। यदि लाइन क्षतिग्रस्त है, तो उसे शीघ्र ठीक कराया जाएगा।