देहरादून-मसूरी आने वाले पर्यटकों और दूसरे लोगों के लिए राहत भरी खबर है।
हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में अपर आयुक्त गढ़वाल हरक सिंह रावत ने दून में एंट्री टैक्स और मसूरी में इको टैक्स की वसूली पर रोक लगा दी है। नगर पालिका परिषद और जिला पंचायत को लिखे आदेश में इस वसूली को अवैध और हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन बताया है।
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद वसूली जारी रखने के संबंध में अपर आयुक्त ने नगर पालिका मसूरी के अधिशासी अधिकारी और जिला पंचायत दून के कार्यकारी अधिकारी से एक हफ्ते में जवाब तलब किया है। अलग-अलग जनहित याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने मसूरी और दून में वाहनों से टैक्स वसूली पर रोक लगाई थी।
वर्ष 2008 में अजय गोयल की याचिका पर हाईकोर्ट ने मसूरी में वाहनों से किसी भी प्रकार की टैक्स वसूली रोक लगा दी थी। बता दें कि मसूरी के कोल्हूखेत में इको टैक्स के नाम से वाहनों से वसूली की जा रही है। अपर आयुक्त ने इस वसूली को उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन माना है।
इसी तरह कमल सिंह की जनहित याचिका पर 4 जनवरी 2011 के आदेश में हाईकोर्ट ने जिला पंचायतों की वाहनों से टोल टैक्स, एंट्री टैक्स पर भी रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट के इसी आदेश के अनुपालन में पंचायती राज अनुभाग ने भी जिला पंचायतों की वाहनों से एंट्री टैक्स वसूली पर रोक लगाई थी।
अपर आयुक्त ने नगर पालिका परिषद मसूरी और जिला पंचायत दून को एक हफ्ते का समय दिया है। इसके बाद हाईकोर्ट की आदेशों की अवहेलना के संबंध में फिर कोर्ट में याचिकाएं दी जाएंगी। इसके अलावा अनुरोध किया जाएगा कि आज तक इको टैक्स, एंट्री टैक्स के नाम पर कितनी अवैध वसूली हुई है, नगर पालिका परिषद और जिला पंचायत इसका ब्योरा भी कोर्ट में पेश करें।
- अजय गोयल, याचिका कर्ता
एक महीने पहले ही उठा था ठेका
इको टैक्स वसूली का ठेका उठे एक महीना भी नहीं हुआ कि इसकी बंदी का आदेश आ गया। कोल्हूखेत में नगर पालिका परिषद ने इको बैरियर को एक करोड़ 76 लाख रुपये प्रति वर्ष ठेके पर दिया है। नगर पालिका परिषद के पिछले बोर्ड में नगर में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के लिए इको शुल्क लगाया था।
तब होटल एसोसिएशन और ट्रेडर्स एसोसिएशन ने इसका विरोध किया था। पिछले दिनों पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने बोर्ड में इको शुल्क बैरियर को ठेके पर देने का प्रस्ताव रखा। इस पर पालिकाध्यक्ष का तर्क था कि बैरियर पर पालिका कर्मियों द्वारा धांधली की जा रही है।
बैरियर को ठेके पर देने से पालिका की आय बढ़ेगी। मसूरी पालिका ने किस आधार पर इको शुल्क बैरियर ठेके पर दिया है? इस सवाल पर अधिशासी अधिकारी रविंद्र दयाल ने कहा कि इको कर नहीं, बल्कि शुल्क के रूप में वसूला जा रहा है।
वसूली के केंद्र
जिला पंचायत दून
आशा रोड़ी, सेलाकुई, कुलाल, डोईवाला
कार से 50 रुपए और ट्रकों से 100 रुपए प्रति वाहन
मसूरी
कोल्हूखेत
- छोटी कार से 50 रुपए
- एसयूवी वाहन (सफारी, इनोवा आदि)-100 रुपए
- बस से 200 रुपए
- बाइक से 10 रुपए
पहले जांच में लगते थे कई दिन
पहले फूड इंस्पेक्टर खराब दूध की आशंका के चलते उसे नष्ट करा देते थे और सैंपल को जांच के लिए भेज दिया जाता था। रिपोर्ट कई दिनों के बाद मिलती थी।
डॉ. पीयूष कालरा ने बताया कि अभी तक नकली दूध की जांच के लिए यूरिएज एंजाइम (प्रोटीन) से इसकी जांच होती थी। यह सामान्य तापमान पर परिणाम नहीं देते। इसी वजह से इसकी जांच के लिए सैंपल को लैब में भेजा जाता था।