मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री की सख्ती का पीडब्ल्यूडी और अन्य विभागों पर कोई असर नहीं हुआ। शहर की सड़कों के गड्ढे भरने की डेडलाइन सोमवार को खत्म हो गई। लेकिन शहर के गड्ढों का हाल ज्यों का त्यों है।
बता दें कि छह अगस्त को फ्रेंडशिप डे के दिन गड्ढे की वजह से दो सहेली मौत के मुंह में चली गई थी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सात अगस्त को तत्काल गड्ढे भरने के अफसरों को निर्देश दिए थे। वहीं शहरी विकास मंत्री ने नौ अगस्त को तमाम विभागों के अफसरों की बैठक लेकर पांच दिन में सभी गड्ढे भरने, ऐसा न होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
मंत्री की डेडलाइन पूरी होने पर अमर उजाला की टीम ने सोमवार को शहर की सड़कों का दौरा किया। घंटाघर, गांधी रोड, ओल्ड कोर्ट रोड, हरिद्वार रोड, अग्रसेन चौक रोड, रेलवे स्टेशन रोड, आढ़त बाजार, डीएल रोड, करनपुर, रिस्पना पुल, कारगी चौक, ओल्ड डालनवाला, पटेल नगर, खुडबुड़ा, संजय कालोनी, तेग बहादुर रोड, प्रीतम रोड, न्यू रोड, करनपुर बाजार, तहसील चौक, सहारनपुर चौक आदि इलाकों में सड़कों में जानलेवा गड्ढे ज्यों के त्यों मिले। अब देखना होगा कि मंत्री की कड़ी कार्रवाई की चेतावनी पर क्या अमल होता है।