उत्तराखंड वैकल्पिक ऊर्जा संस्थान (उरेडा) की ओर से अब ग्रामीण क्षेत्रों में बांटे जाने वाले सौर ऊर्जा उपकरणों में लाभार्थियों को सब्सिडी (अनुदान) का लाभ नहीं दिया जाएगा।
अब तक विभाग की ओर से डोमेस्टिक सोलर लाइट, सोलर लालटेन, सोलर वाटर गीजर, सोलर कुकर, सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर फेंसिंग, सोलर मोबाइल चार्जर, सोलर पावर प्लांट लगाने पर 50 से लेकर 75 फीसदी तक की धनराशि अनुदान पर दी जाती थी।
लाभार्थियों को केवल अंशदान ही देना पड़ता था लेकिन अब केंद्र सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं में सब्सिडी हटाने की पहल के तहत अनुदान न देने का निर्णय लिया गया है। अब उरेडा की ओर से सौर ऊर्जा संयंत्रों को बाजार भाव में ही बेचा जाएगा।
उरेडा के जिला परियोजना प्रबंधक रॉकी कुमार के अनुसार आमतौर पर देखने में आया है कि अनुदानित उपकरणों को लोग ले तो लेते हैं, लेकिन उनका उचित रखरखाव नहीं करते हैं। जिससे कुछ ही समय में सोलर उपकरण अपनी उपयोगिता, अहमियत खो देते हैं।
उनका कहना है कि केंद्र सरकार स्तर पर फोटोवोल्टिक सिस्टम (सूर्य की ऊर्जा से चलने वाले) जिन उपकरणों में लगा होगा, उन उपकरणों, संयंत्रों की बिक्री में सब्सिडी का लाभ लाभार्थियों को न देने का निर्णय लिया गया है।
सोलर स्ट्रीट लाइटों में लगाए जा रहे एलईडी बल्ब
उरेडा की ओर से जिले के विभिन्न कार्यालयों, पर्यटन, धार्मिक महत्व के स्थलों में लगाए गई सोलर स्ट्रीट लाइटों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। पूर्व में लगी स्ट्रीट लाइटों के मैनुअल बल्बों के स्थान पर नए एलईडी बल्ब लगाए जा रहे हैं, जो कम ऊर्जा में लंबे समय तक रोशन रहती हैं।
एक परिवार रजिस्टर में मिलेगी एक सोलर लालटेन
उरेडा के परियोजना प्रबंधक रॉकी कुमार का कहना है कि जिले में बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम (बीएडीपी) के तहत चंपावत, लोहाघाट ब्लॉक के गांवों में सोलर लालटेन बांटी गई हैं। वंचित गांवों को शीघ्र ही अनुदान पर सोलर लालटेन उपलब्ध कराई जाएंगी, लेकिन परिवार रजिस्टर के आधार पर एक परिवार को एक ही सोलर लालटेन मुहैया कराई जाएगी।