मौसम के यूं बदलने और बर्फबारी न होने का खामियाजा पर्यटन विभाग को भुगतना पड़ रहा है। इस बार मसूरी, चकराता में दिसंबर माह में बर्फबारी नहीं होने से करीब पचास हजार पर्यटकों की संख्या में कमी आई है। इसके चलते सीजन के समय भी व्यापार ठंडा पड़ा है।
भले ही पर्यटन विभाग की ओर से पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कितने ही लुभावने ऑफर निकाल लिए जाएं। लेकिन अधिकतर पर्यटक यहां बर्फबारी देखने के लिए ही आते हैं। दिसंबर, जनवरी में सबसे अधिक पर्यटक उत्तराखंड के मसूरी और चकराता आदि जगहों का रुख करते हैं। इन्हीं जगहों पर ठहरते हैं। स्थानीय व्यापारियों को भी इस सीजन का बेसब्री से इंतजार रहता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।
दिसंबर का महीना बर्फ नहीं पड़ने से सूखा ही चला गया। पिछले साल के मुकाबले इस बार करीब पचास हजार पर्यटकों की संख्या घट गई। व्यापार भी अब तक ठंडा ही है। पिछले साल जहां करीब 24 लाख पर्यटक चकराता, मसूरी में दिसंबर माह में पहुंचे थे वहीं इस बार साढ़े तेईस लाख पर्यटक ही यहां घूमने पहुंचे हैं।
मसूरी, दून में पर्यटक घूमने आ रहे हैं। बर्फबारी के लिए अधिक संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। उम्मीद है कि अब बर्फ पड़ेगी और पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा।
- वाईके गंगवार, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी