उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में तैनात मलेरिया प्रोटेक्शन वर्कर्स को पिछले 28 माह से वेतन नहीं मिला है। 30 सितंबर 2014 के बाद से वह वेतन के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन बजट की कमी का हवाला देकर उन्हें लगातार टाला जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर 195 मलेरिया प्रोटेक्शन बहुउद्देश्यीय कर्मचारी तैनात हैं। इनको जिला चिकित्सालयों में आपातकालीन सेवा में लगाया गया है। लेकिन इन्हें पिछले सवा दो वर्ष से अधिक समय से वेतन नहीं मिल पाया है।
एमपीडब्ल्यू संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुदामा प्रसाद जोशी ने बताया कि उन्हें साढ़े छह हजार रुपये वेतन मिलता है। वह लंबे समय से वेतन की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन हर बार उन्हें बजट न होने का हवाला देकर लौटा दिया जाता है। इससे उनके सामने रोटी का संकट पैदा हो गया है।
कार्यवाहक स्वास्थ्य महानिदेशक डा. डीएस रावत ने बताया कि एमपीडब्ल्यू के वेतन को बजट में प्रावधान नहीं है। राज्य को अपने स्तर पर इनका वेतन देना होगा। शासन के स्तर से अनुमति मिलने के बाद सीएमओ के स्तर से वेतन भुगतान होगा।