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चार धाम यात्रा सिर पर और तैयारियां हवा में

Thu, 20 Mar 2014 11:47 AM IST
अमर उजाला, ऋषिकेश
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पिछले साल जून माह में आई आपदा के बाद प्रदेश सरकार ने तय किया है कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों का बायोमेट्रिक्स तरीके से पंजीकरण किया जाएगा।
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पंजीकरण की व्यवस्था पर सवाल
यह व्यवस्था इसी साल की यात्रा से लागू की जानी है। यात्रियों के पंजीकरण की तैयारियों की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को दी गई है।

लेकिन पर्यटन विभाग की तैयारियों को देखकर नहीं लगता कि पंजीकरण की व्यवस्था इस साल की यात्रा पर लागू हो पाएगी?

विभाग यदि व्यवस्था बना भी देता है तो वह सफलता पूर्वक लागू हो पाएगी इस पर भी संदेह है? चारधाम यात्रा चार मई से आरंभ होनी है। यात्रा में मुख्य बाधा सड़कों की हालत तो है ही, दूसरी तरह की व्यवस्थाएं भी धीमी गति से चल रही हैं।

यात्रियों के बायोमेट्रिक्स तरीके से पंजीकरण की बात की जाए तो इसके लिए एक दिन पहले ही अस्थायी दफ्तर देखा गया है। कब यहां पर सिस्टम लगाए जाएंगे और कब यात्रियों का पंजीकरण शुरू होगा, इसकी तो केवल कल्पना ही की जा सकती है।
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यह हालत तब है जबकि यात्रा पर जाने वाले यात्रियों का बसों और होटलों में पंजीकरण शुरू हो गया है।

हालांकि, इस साल अभी तक होटलों और बसों की बुकिंग में तेजी नहीं आई है लेकिन अन्य वर्षों से तुलना की जाए तो यात्रियों की पंजीकरण की व्यवस्था बहुत धीमी गति से बनाई जा रही है।

वेबसाइट बनी नहीं, दावा ऑनलाइन पंजीकरण का
यात्रियों के ऑनलाइन पंजीकरण करने का दावा किया जा रहा है लेकिन अभी तक वेबसाइट तैयार तक नहीं है। इसके लिए पहले दफ्तर बनाया जाएगा, फिर वहां सिस्टम लगेगा, उसके बाद वेबसाइट तैयार होगी।

जाहिर है कि इस सब में वक्त लगेगा, लेकिन यात्रा चार मई से ही आरंभ होनी है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि इस बार यात्रियों का पंजीकरण हो भी पाएगा या यात्रा बिना पंजीकरण के ही चलेगी?

हालांकि, पर्यटन विभाग ने त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड को पंजीकरण की जिम्मेदारी सौंपी है। इस कंपनी का मुख्यालय तिरुपति, आंध्र प्रदेश में है। कंपनी की शाखाएं हैदराबाद, बंगलूरू, नई दिल्ली आदि महानगरों में कार्य कर रही हैं।

कंपनी बायोमेट्रिक्स तरीके से यात्रियों और पर्यटकों के पंजीकरण के लिए कार्य करती है। वह तिरुमला तिरुपति देवस्थानम आंध्र प्रदेश, सिरडी धाम, महाराष्ट्र और वैष्णो देवी यात्रा के लिए अपनी सेवाएं दे रही है।

पहले बनेगा केंद्र, फिर वेबसाइट
त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम कंपनी के एमडी के रविचंद ने बताया कि अस्थायी बायोमेट्रिक्स केंद्र का कार्य जल्दी शुरू हो जाएगा। इसके बाद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइट लांच की जाएगी।

वेबसाइट का नाम अभी तय नहीं है। के रविचंद का दावा है कि चूंकि कंपनी तिरुपति बालाजी और वैष्णो देवी यात्रा में इस सिस्टम को पहले लागू कर चुकी है, इसलिए प्रचार-प्रसार और कार्य करने में कंपनी को कोई दिक्कत नहीं आएगी।

अस्थायी व्यवस्था पर चलेगा केंद्र
इस साल यात्रा काल में पंजीकरण केंद्र फिलहाल बस टर्मिनल कंपाउंड स्थित यात्री प्रतीक्षालय में अस्थायी व्यवस्था के तहत चलेगा।

विभाग द्वारा कंपाउंड के समीप भूमि के चयन की बात तो कही गई, मगर अभी तक वन भूमि के हस्तांतरण का मामला लंबित है।

दावा कुछ, हकीकत कुछ
- पहले फिंगरप्रिंट से पंजीकरण की बात कही गई, अब फोटो से होगा रजिस्ट्रेशन।
- बायोमेट्रिक्स केंद्र के लिए बनना था स्थायी केंद्र, अब अस्थायी चलेगी व्यवस्था।
- केंद्र के लिए चिह्नित भूमि के जल्द हस्तांतरण की बात भी हवाई। अफसरों ने बीते माह कहा था ढाई महीने में सब कुछ हो जाएगा।
- बिना वेबसाइट बने और प्रचार के ऑनलाइन पंजीकरण होना असंभव।
- यात्रा से पहले बस टर्मिनल कंपाउंड में पसरे अतिक्रमण को हटाने के मामले में भी विभाग के पास योजना नहीं।

हेल्प लाइन पर भी पंजीकरण संबंधी हेल्प नहीं
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की तरफ से चार धाम यात्रा संबंधी हेल्प लाइन 0135-2559898 जारी की गई है। इस पर सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक फोन कर किसी भी तरह की हेल्प ली जा सकती है।
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लेकिन बायोमैट्रिक्स पंजीकरण के संबंध में इस हेल्प लाइन पर भी कोई जानकारी नहीं मिलती। 15 अप्रैल की तिथि बताई जा रही है। ताकि पर्यटक इसके बाद फोन कर वास्तविक स्थिति जान ले।
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