कालसी के प्रवेश द्वार पर स्थित हरिपुर यमुना घाट पर सांध्यकालीन आरती के दर्शन के लिए रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। घाट के सामने स्थित मोक्षधाम में दाह संस्कार के लिए भी लोगों की आवाजाही रहती है। पार्किंग की सुविधा नहीं होने से लोग यमुना पुल और आसपास सड़क किनारे वाहन खड़े कर रहे हैं, जिससे जाम और हादसे का खतरा बढ़ गया है।
सांध्यकालीन आरती के दौरान आसपास के गांवों और नगर क्षेत्र से लोग घाट पर पहुंचते हैं। इसके अलावा घाट के दूसरी ओर स्थित मोक्षधाम में दाह संस्कार के लिए आने वाले लोगों के वाहन भी इसी मार्ग पर खड़े किए जाते हैं। घाट के समीप पार्किंग की कोई व्यवस्थित व्यवस्था नहीं होने के कारण वाहन चालकों को मजबूरी में दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित यमुना पुल अथवा उसके आसपास वाहन खड़े करने पड़ते हैं।
यमुना पुल के आसपास सड़क पहले से ही संकरी है। सड़क के दोनों किनारों पर वाहन खड़े होने से मार्ग की चौड़ाई और कम हो जाती है। ऐसे में आमने-सामने से आने वाले वाहनों को निकलने में परेशानी होती है और कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। शाम के समय आरती के दौरान समस्या और बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट पर धार्मिक गतिविधियां बढ़ने के साथ यहां आने वाले लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। मोक्षधाम के कारण भी इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में घाट के समीप खाली भूमि चिह्नित कर व्यवस्थित पार्किंग बनाई जानी चाहिए, ताकि सड़क पर वाहन खड़े न हों और यातायात सुचारु रहने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी कम हो सके।
घाट पर रोजाना लोग आरती के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करना पड़ता है। इससे लोगों को परेशानी होती है और जाम की स्थिति भी बनती है। - अजय मल्ल, स्थानीय व्यवसायी
यमुना पुल के आसपास सड़क काफी संकरी है। यहां वाहनों का दबाव बढ़ने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। घाट के पास पार्किंग के लिए स्थान उपलब्ध कराकर समस्या का समाधान किया जाना चाहिए। - आशीष बिष्ट, ग्राम प्रधान, पपड़ियान