-एसआईआर की तैयारियों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली बैठक
-राजनीतिक दलों से दो सप्ताह में शत-प्रतिशत बीएलए नियुक्ति का आग्रह
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। चुनाव आयोग की ओर से प्रदेश में शुरू होने जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि एसआईआर का मकसद है कि कोई भी पात्र मतदाता नहीं छूटे और अपात्र मतदाता वोट लिस्ट में शामिल न हो।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में एक जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। इस दौरान 29 मई से सात जून 2026 तक गणना प्रपत्र के प्रिंटिग, कर्मचारियों के प्रशिक्षण सम्बंधी कार्य होंगे। आठ जून से सात जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र का वितरण एवं संकलन करेंगे। 14 जुलाई को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा। इसके साथ ही 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। इसी बीच 10 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक सभी नोटिस जारी कर दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आयोग के निर्देशानुसार 15 सितंबर 2026 अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एसआईआर को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की। उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त दलों से आगामी दो सप्ताह में शत प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स नियुक्त करने का आग्रह किया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 11,733 पोलिंग बूथ के सापेक्ष राजनीतिक दलों की ओर से 22 हजार बीएलए की तैनाती कर दी गई है। इस दौरान उन्होंने बुक अ कॉल विद बीएलओ के बारे में भी विस्तार से बताया। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी सहित भाजपा, कांग्रेस, बीएसपी, सीपीआई (एम) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।