नगर पालिका के सभागार में आयोजित बैठक में मालरोड में ई-रिक्शा के स्थान पर गोल्फकार्ट चलाने के प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई। मजदूर संघ का कहना है कि प्रशासन की ओर से दो लोगों पर एक गोल्फकार्ट देने का दबाव बनाया जा रहा है। इसे लेकर मजदूर संघ तैयार नहीं है।
शुक्रवार को एसडीएम राहुल आनंद और पालिका के ईओ गौरव भसीन ने रिक्शा चालकों के साथ बैठक की। इस दौरान मालरोड में ई-रिक्शा के स्थान पर गोल्फकार्ट चलाने पर चर्चा हुुई। ईओ गौरव भसीन ने बताया कि दो रिक्शा चालकों पर एक गोल्फकार्ट देने का प्रस्ताव है। इसके तहत 93 रिक्शा चालकों सहित 13 विधवा महिलाएं हैं। विधवा महिलाओं को वेडिंग जोन में समायोजित किया जाएगा। कुछ लोग रिक्शा छोड़कर मुआवजे की बात कर रहे हैं, लेकिन इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले 40 के करीब गोल्फकार्ट मंगाई जा रही है। इसमें आपसी सहमति पर एक गोल्फकार्ट में दो लोगों को समायोजित करने का प्रयास किया जाएगा। इस मामले में अगर सहमति बनती है तो मसूरी के विभिन्न स्थानों पर भी गोल्फकार्ट चलेंगे। मजदूर संघ अध्यक्ष रणजीत सिंह चौहान ने बताया कि संघ की मांग है कि पहले प्रशासन रिक्शा चालकों को मुआवजा देने की बात करें। इसके अलावा जो लोग रिक्शा छोड़ना चाहते है उनको दस लाख रुपये मुआवजा मिले। विधवा महिलाओं को वेडिंग जोन में दुकान दी जाए। इस अवसर पर मंगल सिंह नेगी, सुरेंद्र भंडारी, महामंत्री सोबन सिंह पंवार, शिवराज सिंह पंवार, दलबीर सिंह, अमित, अर्जुन सिंह आदि मौजूद रहे।