आला अफसरों के मनमाने रवैये के चलते राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान(रूसा) के तहत स्वीकृत कार्यों का फायदा छात्र-छात्राओं तक नहीं पहुंच पा रहा है।
बजट के अभाव में यहां अभी तक कंप्यूटर लैब का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है, लेकिन नौ माह पहले ही मुख्यालय से अधिकारियों ने महंगी दरों पर कंप्यूटर खरीद कर यहां पहुंचा दिए हैं। अब ये कंप्यूटर स्टोर में धूल फांक रहे हैं। रूसा के तहत पीजी कालेज उत्तरकाशी के लिए नवनिर्माण मद में 1.40 करोड़, पुनर्निर्माण में 1.40 करोड़ तथा नई सुविधाओं के लिए 1.20 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था।
इसमें लाईब्रेरी का रिनोवेशन एवं किताबों की खरीद के अलावा महाविद्यालय के मुख्य परिसर में भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इसी भवन में कंप्यूटर लैब बनायी जानी है। हैरानी की बात है कि अभी बजट के अभाव में भवन का निर्माण कार्य अधर में लटका है, लेकिन इसमें बनने वाली कंप्यूटर लैब के लिए नौ माह पहले ही मुख्यालय से करीब 27 लाख रुपये में 34 कंप्यूटर खरीद कर यहां भेजे जा चुके हैं। लैब का भवन तैयार न होने के कारण ये कंप्यूटर महाविद्यालय के स्टोर में धूल फांक रहे हैं।
पीजी कालेज में रूसा के प्रभारी डा.आरपी सिंह ने बताया कि रूसा के तहत महाविद्यालय के लिए विभिन्न मदों में चार करोड़ रुपये स्वीकृत हैं। अभी तक 2.18 करोड़ रुपये मिले हैं। लाईब्रेरी का रिनोवेशन एवं किताबों की खरीद की जा चुकी है।
भवन का निर्माण बजट के अभाव में रुका हुआ है। इसी साल मार्च में मुख्यालय से कंप्यूटर लैब के लिए 34 कंप्यूटर यहां भेजे गए थे। इनमें से छह कंप्यूटर अन्य विभागों में प्रयोग हो रहे हैं तथा शेष 28 कंप्यूटर लैब तैयार होने पर उसमें लगाए जाएंगे। फिलहाल इन्हें स्टोर में सुरक्षित रखा गया है।