अपने बच्चों का तो हर मां ख्याल करती हैं मगर इस मां ने गरीब बच्चे को सिर्फ सहारा दिया बल्कि मां बनकर उसके लिए भगवान बनकर आईं। वह उसकी पढ़ाई और परवरिश का जिम्मा भी उठा रहीं हैं। इस मां का नाम है निर्मला दरम्वाल उर्फ निर्मला दीदी।
जीजीआईसी भवाली से 2016 में प्रधानाचार्य के पद से रिटायर निर्मला दीदी बताती हैं कि उत्तरकाशी में 16 साल पहले आई भीषण बाढ़ में चिन्यालीसौंण के दांण गांव के लाखा सिंह रावत का घर बार और जमीन बह गई थी।
बाढ़ के बाद परिवार की स्थिति ये हो गई थी कि खाने के लाले पड़ गए। परिवार वालों के सामने आजीविका का कोई साधन नहीं रहा। ऐसे में निर्मला दीदी उनके लिए फरिश्ता बनकर आई।