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Mother's Day: गरीब बच्चे को पढ़ाया-लिखाया और लायक बनाया

Sun, 14 May 2017 10:34 AM IST
कैलाश पाठक/ अमर उजाला, हल्द्वानी
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निर्मला दरम्वाल उर्फ निर्मला दीदी - फोटो : amarujala
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अपने बच्चों का तो हर मां ख्याल करती हैं मगर इस मां ने गरीब बच्चे को सिर्फ सहारा दिया बल्कि मां बनकर उसके लिए भगवान बनकर आईं। वह उसकी पढ़ाई और परवरिश का जिम्मा भी उठा रहीं हैं। इस मां का नाम है निर्मला दरम्वाल उर्फ निर्मला दीदी। 
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जीजीआईसी भवाली से 2016 में प्रधानाचार्य के पद से रिटायर निर्मला दीदी बताती हैं कि उत्तरकाशी में 16 साल पहले आई भीषण बाढ़ में चिन्यालीसौंण के दांण गांव के लाखा सिंह रावत का घर बार और जमीन बह गई थी।

बाढ़ के बाद परिवार की स्थिति ये हो गई थी कि खाने के लाले पड़ गए। परिवार वालों के सामने आजीविका का कोई साधन नहीं रहा। ऐसे में निर्मला दीदी उनके लिए फरिश्ता बनकर आई।
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आज अपने पैरों पर खड़ा है लाखा सिंह का बेटा

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देहरादून में रह रही उनकी बेटी ने परिवार के लोगों से मदद के लिए संपर्क साधा तो उनके आग्रह को परिवार के लोगों ने मान लिया। इसके बाद लाखा सिंह के बड़े बेटे विनोद सिंह को निर्मला दीदी की बेटी देहरादून ले आई।

आईटीआई कराने के बाद आज वह नौकरी कर रहा है। बेटी से प्रेरणा पाकर निर्मला छोटे बेटे चैन सिंह को अपने साथ गौलापार के तल्ला देवला में ले आईं। चैन सिंह रावत अभी नौवीं में पढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि इस बच्चे को गोद लेने का उनका कोई इरादा नहीं है। मां-बाप गरीब हैं तो उसकी शिक्षा दीक्षा का प्रबंध कर बतौर संरक्षक पढ़ा रही हैं। बाद में यह अपने माता-पिता के साथ जाएगा। निर्मला की एक ही बेटी हैं।
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