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उत्तराखंड के बेटे को नेशनल फिल्म अवॉर्ड, राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित

Fri, 14 Apr 2017 02:41 PM IST
अनिल चन्दोला/ अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के एकेश्वर ब्लॉक स्थित दूनी गांव निवासी निर्मल चंद्र डंडरियाल ने बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म मेकर का नेशनल अवॉर्ड जीता है।
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तीन मई को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी उन्हें यह सम्मान प्रदान करेंगे। निर्मल इससे पहले 2012 में भी दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीत चुके हैं।

निर्मल के पिता राम प्रसाद डंडरियाल एयरफोर्स में थे। यही कारण है कि उनकी शिक्षा-दीक्षा देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई। हालांकि शुरुआती दौर से ही उनकी फिल्म मेकिंग में रुचि थी।

1994 में ग्रेजुएशन के दौरान असिस्टेंट एडिटर के तौर पर उन्होंने फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखी। इसके बाद उन्होंने कुछ समय एडिटिंग का काम सीखा। चार साल उन्होंने दुबई और मुंबई में टेन स्पोर्ट्स चैनल में बतौर एडिटर काम किया।
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2012 में मिले दो नेशनल अवॉर्ड

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2008 से उन्होंने डॉक्यूमेंट्री मेकर के तौर पर काम शुरू किया। 2012 में फिल्म ‘ड्रीमिंग ताजमहल’ के लिए उन्हें दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले।

पाकिस्तान में रहने के दौरान एक टैक्सी ड्राइवर ने उनसे कहा कि मेरी तमन्ना है कि मैं ताजमहल देखूं। उसकी इस ख्वाहिश को उन्होंने डॉक्यूमेंट्री के रूप में तैयार किया, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ निर्माता और निर्देशक का नेशनल अवॉर्ड मिला। 

इस वर्ष दोबारा उन्हें ‘जिक्र उस परिवश का’ डॉक्यूमेंट्री के लिए नेशनल अवॉर्ड प्रदान किया जाएगा। बेगम अख्तर के जन्म के सौ वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2014 में उन्होंने इस फिल्म पर काम शुरू किया। अक्टूबर 2015 में पहली बार फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

64 मिनट की इस डॉक्यूमेंट्री में उन्होंने बेगम अख्तर के जीवन से जुड़े सभी पहलुओं को छूने का प्रयास किया है। हालांकि उनका फोकस संगीत और फनकारी पर सबसे ज्यादा रहा। उन्होंने बताया कि बेग अख्तर आज भी लोगों के दिलों में बसती हैं। उनसे जुड़ी तस्वीरें, संगीत, लोगों को भी इसमें जगह दी गई है।
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