थानाध्यक्ष प्रदीप पंत ने बताया कि शाम पांच बजे घटना की सूचना मिली। पूछताछ में पता चला कि दोनों भाई झील में नाह रहे थे। इसी दौरान आशीष डूब गया। घटनास्थल से कुछ दूरी पर चार-पांच महिलाएं पशुओं को चराने गई हुई थीं। आयुष के चिल्लाने की आवाज सुनकर महिलाएं दौड़कर वहां पहुंची, लेकिन तब तक आशीष डूब चुका था।
बच्चे की तलाश में झील में बोट से रेस्क्यू अभियान भी चलाया गया। लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई। अब सोमवार को फिर से रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा। बता दें कि 21 जुलाई को भी डोबन गांव निवासी गौरव नौटियाल (17) वर्ष झील में डूब गया था। तीन दिन बाद भी उसका पता नहीं चल पाया है।