बता दें कि देहरादून की भगत सिंह कॉलोनी में जमात से लौटे नौ महीने के बच्चे के पिता कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे भी 17 अप्रैल को दून अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उसकी मां को भी सेंटर में क्वारंटीन किया गया था। जांच में मां का सैंपल निगेटिव आया था।
दून अस्पताल के कोरोना के नोडल अफसर और सांस रोग विभाग के एचओडी पल्मनोलॉजिस्ट डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि बच्चे की मां का भी कोरोना सैंपल जांच के लिए भेजा गया था।
दोनों बार मां की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। फिर भी मानवीय आधार पर मां को बच्चे के साथ ही अस्पताल में भर्ती रखा गया था। मां को पीपीई किट भी उपलब्ध कराई गई थी।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इस दौरान बच्चा मां का दूध पीता रहा। उन्होंने बताया कि मां के दूध में संक्रमण से लड़ने की बहुत क्षमता होती है। संभवत बच्चे के जल्द ठीक होने का एक कारण यह भी हो सकता है।