- स्थानीय लोगों ने दी थी शावक के नहर में बहने की सूचना
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संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने शक्तिनहर में बह रहे नीलगाय के शावक को रेस्क्यू किया। टीम ने शावक को कालसी भूमि संरक्षण वन प्रभाग की चौहड़पुर रेंज को सौंप दिया। शावक के पूरी तरह से स्वस्थ होने के चलते वन विभाग ने उसे जंगल में छोड़ दिया।
शनिवार सुबह करीब आठ बजे कुछ स्थानीय लोगों को शक्तिनहर में एक नीलगाय का शावक बहता हुआ दिखाई दिया। लोगों ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। मौके पर चीता पुलिस और एसडीआरएफ की टीम पहुंची। एसडीआरएफ की टीम ने रस्सी के सहारे नीलगाय के शावक को नहर से बाहर निकाला। सूचना पर कालसी भूमि संरक्षण वन प्रभाग की चौहड़पुर रेज की टीम मौके पहुंची। टीम शावक का रेस्क्यू कर रेंज कार्यालय ले गई।
प्रभारी रेंजर चौहड़पुर मुकेश कुमार ने बताया कि इन दिनों गेहूं की बुवाई हो रही है। बताया कि नीलगाय और शावकों के झुंड के साथ खेतों की ओर आया होगा। झुंड से भटक कर नहर किनारे पहुंच गया होगा। जानवरों से बचने के लिए नहर में छलांग लगा दी होगी, जिससे वह फंस गया होगा। उन्होंने बताया कि शावक पूरी तरह से स्वस्थ था। रेंजर ने बताया कि शावक को जंगल में छोड़ दिया गया है।