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निकाय चुनाव 2018: देहरादून से कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी दिनेश अग्रवाल ने भरा नामांकन

Tue, 23 Oct 2018 01:35 PM IST
विपिन बनियाल, अमर उजाला, देहरादून
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नामांकन दाखिल करने जाते दिनेश अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
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देहरादून से कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी दिनेश अग्रवाल आज शक्ति प्रदर्शन के साथ नगर निगम पहुंचे और नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान दिनेश अग्रवाल के समर्थन में भारी जुलूस निकाला गया। वहीं अध्यक्ष और सभासदों पद के उम्मीदवारों के लिए नामांकन का अंतिम दिन आज है। आज दिन भर नामांकन का दौर जारी रहा। मंगलवार को नगर निगम में प्रत्याशियों का हुजूम उमड़ आया। जिस कारण दून अस्पताल चौक पर जाम लग गया। 

 

वहीं ऋषिकेश से भाजपा की ओर से अधिकृत मेयर प्रत्याशी अनीता ममगाईं ने भी पूरे लाव लश्कर के साथ नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत व भाजपा के अन्य नेता भी मौजूद रहे। गढ़वाल में गौचर से भाजपा की बागी मीना लिंगवाल ने, कर्णप्रयाग से नगर पालिका परिषद से भाजपा प्रत्याशी दमयंती और सभासद प्रत्याशी ने, गोपेश्वर में भाजपा के प्रत्याशी ने, कोटद्वार में मेयर के लिए भाजपा की प्रत्याशी नीतू रावत ने, जोशीमठ से भाजपा प्रत्याशी गोविंद पंवार ने, कीर्तिनगर नगर पंचायत से भाजपा प्रत्याशी कैलाशी देवी, रुद्रप्रयाग में कांग्रेस प्रत्याशी गीता झिंकवाल सहित अन्य नेताओं ने नामांकन दाखिल किया।

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कुमाऊं मंडल में नैनीताल में निर्दलीय प्रत्याशी अजय शाह ने, काशीपुर से मेयर पद के लिए मुक्ता सिंह ने, भवाली से नगर पालिका अध्यक्ष के लिए कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पेश पांडे ने, चंपावत में नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए सज्जन लाल बर्मा ने, नैनीताल में भाजपा प्रत्याशी अरविंद पडियार ने , हल्द्वानी से मेयर पद के लिए भाजपा के प्रत्याशी जोगेंद्र रौतेला ने, रुद्रपुर में मेयर पद के लिए कांग्रेस के प्रत्याशी नंदलाल ने, भीमताल में नगर पंचायल अध्यक्ष के लिए भाजपा के प्रत्याशी दिनेश सांगुड़ी ने, हल्द्वानी से कांग्रेस प्रत्याशी सुमित हृदयेश सहित अन्य नेताओं ने नामांकन भरा। 

हरिद्वार जिले में शिवालिक नगर से चेयरमैन पद कांग्रेस से बगावत कर किरण सिंह ने नामांकन भरा। शिवालिक नगर से भाजपा प्रत्याशी  राजीव शर्मा ेने, भाजपा से बागी होकर उपेंद्र शर्मा ने, मेयर के लिए उक्रांद प्रत्याशी सरिता पुरोहित सहित अन्य नेताओं ने नामांकन किया।
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नगर निकाय चुनाव के लिए सजे रणक्षेत्र में पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल भी कूद पडे़ हैं। ‘बड़ी सरकार’ में रहे दिनेश अग्रवाल अब ‘छोटी सरकार’ में आने के लिए जोर आजमाइश करेंगे। सिर्फ दिनेश अग्रवाल, एकमात्र ऐसा बड़ा नाम नहीं है, जो छोटी सरकार के लिए दिलचस्पी ले रहे हैं। कई और दिग्गज हैं, जो निकाय राजनीति में कांग्रेस-भाजपा के उम्मीदवार के तौर अब सामने हैं। वैसे, पहली बार ऐसा नहीं हो रहा है। छोटी सरकार का बड़ा आकर्षण नेताओं को पहले से रहा है। सबसे बड़ा उदाहरण मरहूम मनोरमा डोबरियाल शर्मा का है, जो एक ही समय महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष और दून नगर निगम की मेयर रहीं थीं।

दिनेश अग्रवाल
कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे दिनेश अग्रवाल का सियासी कद बड़ा है। तीन बार विधायक रहे अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नित्यानंद स्वामी को भी शिकस्त दी थी। वकालत की पृष्ठभूमि वाले अग्रवाल ने एक समय अपने लक्ष्मण चौक/धर्मपुर क्षेत्र को अपराजित सा बना दिया था। विनोद चमोली से 2017 के विधानसभा चुनाव में हारे। अब दून नगर निगम मेयर पद पर चुनाव लड़ रहे हैं, तो इसका एक बड़ा कारण इस निकाय का विशाल आकार है, जो आधा दर्जन से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों को छू रहा है। यानी मेयर का कद कई विधायकों से बड़ा होगा। अग्रवाल इसी आकर्षण से बंधे नजर आ रहे हैं।

यशपाल बेनाम
भाजपा की 2007 से 12 तक रही सरकार के जमाने में निर्दलीय पौड़ी सीट से चुनाव जीतकर यशपाल बेनाम ने राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया था। मगर पांच साल बाद हुए चुनाव में वह चौबट्टाखाल सीट पर करिश्मा दोहरा नहीं पाए थे। विधायक बनने से पहले वह पौड़ी नगर पालिका के अध्यक्ष रहे थे। 2013 में फिर निकाय की राजनीति का रुख किया और दूसरी बार अध्यक्ष बने। लंबे समय तक दलों से दूरी बनाकर रखने वाले बेनाम अब पौड़ी नगर पालिका के अध्यक्ष पद पर भाजपा के प्रत्याशी हैं। सबकी निगाहें उनके चुनाव पर जमी हैं। 

शांति जुवांठा
यूपी के जमाने में मंत्री रहे स्व. बर्फिया लाल जुवांठा की पत्नी शांति जुवांठा विकासनगर नगर पालिका परिषद से अध्यक्ष पद के लिए एक बार फिर चुनाव मैदान में हैं। 2008 से लेकर 13 तक वह विकासनगर की अध्यक्ष रही हैं। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रहीं शांति जुवांठा ने जब पहली बार अध्यक्ष का चुनाव लड़ा, तो सियासी हलकों में इसे हैरतभरी नजर से देखा गया। कांग्रेस संगठन में ऊंचे पद पर रहने के बावजूद उन्होंने अपेक्षाकृत छोटी सियासत में कदम रखा था। इस बार फिर से विकासनगर से चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा का झंडा थामा है, पाला बदलना क्या रंग लाता है, ये देखना दिलचस्प होगा।

अंबिका सजवाण
टिहरी जिले की राजनीति में अंबिका सजवाण एक जाना-पहचाना नाम रही हैं। पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण की पत्नी के अलावा उनकी पहचान पंचायत की धुरंधर नेता के तौर पर रही है। वह 2004 से लेकर 2009 तक टिहरी जिला पंचायत की अध्यक्ष रही हैं। 2009 से 2014 तक वह जिला पंचायत की सदस्य रहीं। इसके अलावा, टिहरी और ऋषिकेश विधानसभा सीट पर उनकी दावेदारी अक्सर सामने आती रही है। पंचायत की राजनीति में पिछले कई सालों से सक्रिय अंबिका सजवाण अब टिहरी नगर पालिका से मिनी सरकार के लिए पहली बार कदम आगे बढ़ा रही हैं।

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