इस संदर्भ में विरोध दर्ज करवाने पहुंची संभावित दावेदार कविता शाह ने बताया कि हमने सभी दस्तावेज प्रदेश अध्यक्ष को सौंप दिए हैं। उन्होंने पुनर्विचार का भरोसा दिलाया है। कहा गया है कि रविवार शाम को होने वाली बैठक में असंतुष्टों को भी बुलाया जाएगा।
उनका कहना है, हम चाहते हैं कि सभी मानकों पर खरा उतरने वाले को प्रत्याशी बनाया जाए। जिससे पार्टी का भी हित हो सके। असंतुष्टों में मुख्य रूप से कुसुम कंडवाल, स्नेहलता शर्मा, सरोज डिमरी, स्वदेश कंडवाल आदि लोग मौजूद रहे। एयर पोर्ट पर जब ये गरमागरम बहस उफान पर थी। उस दौरान विस अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, दिनेश सती, प्रमोद शर्मा सहित तमाम दिग्गज नेता मौजूद थे। दिलचस्प ये रहा कि सभी ने दोनों पक्षों के बीच हुई बहस के दौरान चुप्पी साधे रखी।
प्रदेश अध्यक्ष के लिए मुसीबत बना अतिरिक्त दबाव
सियासी गलियारों में चर्चा है कि प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के दबाव में अनीता ममगाई का नाम सूची में शामिल किया गया। मुख्यमंत्री भी इस नाम पर सहमत नहीं थे। लिहाजा प्रदेश अध्यक्ष ने खुद अंतिम समय में अनीता का नाम जुड़वाया और आपाधापी में प्रत्याशी के क्षेत्र का जिक्र करवाना भी भूल गए।
हरिद्वार में शिवालिकनगर नगर पालिका के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी की घोषणा होते ही भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में बवाल मच गया है। पार्टी हाईकमान के निर्णय से नाराज नेताओं ने पार्टी छोड़कर अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। भाजपा के युवा नेता संजीव चौधरी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की है। जबकि महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष बसपा में शामिल होने और अब बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की बात कह रही है।
शिवालिनगर नगर पालिका के अध्यक्ष पद पर भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी के पुराने कार्यकर्ता राजीव शर्मा को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया है। राजीव शर्मा का नाम घोषित होते ही रानीपुर क्षेत्र के विधायक आदेश चौहान खेमे से जुड़े भाजपाइयों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया। शनिवार रात से ही सोशल मीडिया पर राजीव शर्मा को टिकट दिए जाने का विरोध किया जा रहा है। भाजपा के मंडल अध्यक्ष उपेंद्र शर्मा, महामंत्री अशोक मेहता और मीडिया प्रभारी अतुल वशिष्ठ आदि के नेतृत्व में पार्टी के अनेक कार्यकर्ताओं ने रविवार को देहरादून पहुंचकर प्रदेश महामंत्री संगठन संजय कुमार से मुलाकात की।
सभी ने राजीव शर्मा को टिकट दिए जाने का विरोध करते हुए इसे पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं का अपमान बताया। चेतावनी दी कि यदि प्रत्याशी नहीं बदला गया तो सभी कार्यकर्ता मिलकर बिना सिंबल के ही अपना प्रत्याशी उतारेंगे। मंडल अध्यक्ष उपेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि राजीव शर्मा पिछले दोनों चुनाव में विधायक आदेश चौहान के खिलाफ काम करते रहे हैं। संगठन से भी उनका कोई सरोकार नहीं है। जबकि इन आरोपों को निराधार बताते हुए प्रत्याशी राजीव शर्मा का कहना है कि वह पार्टी के सच्चे कार्यकर्ता हैं। उनके समर्पण भाव को देखते हुए ही भाजपा ने उन्हें टिकट दिया है। वहीं दूसरी ओर भाजपा से अध्यक्ष का टिकट मांग रहे युवा नेता संजीव चौधरी ने भाजपा से बगावत करके निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
विमला पांडे ने भी छोड़ा महानगर अध्यक्ष का पद
हरिद्वार में नगर निगम की मेयर और शिवालिकनगर नगर पालिका में अध्यक्ष पद की दावेदार महिला कांग्रेस की महानगर अध्यक्ष विमला पांडे खुद को टिकट नहीं दिए जाने खासी नाराज हैं। उन्होंने पार्टी के नेताओं पर समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने और घर में बैठकर टिकट बांटने का आरोप लगाते हुए महानगर अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। विमला पांडे ने अमर उजाला से वार्ता करते हुए कहा कि प्रत्याशी का चयन करने में समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है। यह पार्टी के लिए अच्छा नहीं है। कुछ लोग मन माने तरीके से पार्टी चला रहे हैं जो गलत है। उन्होंने बताया कि महानगर अध्यक्ष पद से उन्होंने अपना इस्तीफा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष को भेज दिया है।
भाजपा ने शुरू की चुनावी मुहिम
अन्नु कक्कड़ को हरिद्वार नगर निगम के मेयर पद की प्रत्याशी घोषित करने के बाद भाजपा ने चुनावी मुहिम भी शुरू कर दी है। अन्नु कक्कड़ ने रविवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर नामांकन पत्र के तीन सेट खरीदे। वहीं भाजपा की ओर से अन्नु कक्कड़ के चुनाव के लिए निवर्तमान मेयर मनोज गर्ग को संयोजक और भाजपा जिला महामंत्री विकास तिवारी को सह संयोजक घोषित किया है।
ऋषिकेश में कलह और विद्रोह के मामले में कांग्रेस और भाजपा के हालात एक जैसे हैं। मेयर पद के लिए अधिकृत प्रत्याशी की घोषणा होते ही कांग्रेस की कलह सतह पर आ गई है। पार्टी पदाधिकारी दबी जबान में कह रहे हैं कि यदि मनमानी करके हारे हुए मोहरे पर दांव लगाना है तो जो मर्जी है वही सही। रविवार को कांग्रेस ने लक्ष्मी सजवाड़ को प्रत्याशा घोषित किया, तो दूसरी ओर बिद्रोही सुर भी बुलंद हो गए। पार्टी के प्रदेश महासचिव जयपाल जाटव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रभारी उत्तराखंड, सहप्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष सहित प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख पदाधिकारियों को पत्र भेजकर उपेक्षा प्रति नाराजगी जताई है।
जयपाल ने कहा है कि पिछले कुछ माह से संगठन में पुराने कार्यकर्ताओं को नजरंदाज किया जा रहा है। निष्ठावान कार्यकर्ताओं को किनारे लगाने की संस्कृति समझ से परे है। निकाय चुनाव सिर पर है और कर्मठ कार्यकर्ताओं की पूछ तक नहीं हो रही है। नगर निकाय चुनाव में मेयर, नगर पालिका अध्यक्ष, पार्षद, वार्ड मेंबर के प्रत्याशी चयन में चंद लोग निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारियों को उपेक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि यह कार्यकलाप किसके इशारे पर हो रहा है, ये पता नहीं। उन्होंने आगाह किया है कि निकाय चुनावों में यदि पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा तो इसका असर लोस चुनावों में पड़ेगा।
प्रत्याशी चयन के बाद आंतरिक विरोध झेल रही भाजपा ने डैमेज कंट्रोल प्लान शुरू कर दिया है। निगमों में पार्टी ने एक कैबिनेट मंत्री और एक वरिष्ठ पदाधिकारी की ड्यूटी लगाई है। वार्ड सभासदों के प्रत्याशियों पर विरोध की स्थिति पैदा होने पर स्थानीय विधायक जिम्मेदार होंगे। इतना ही नहीं डैमेज कंट्रोल टीम को कांग्रेस में सेंध मारने की जिम्मेदारी भी दी है। इसी का नतीजा है कि देहरादून नगर निगम में कांग्रेस के कुछ पार्षद और पूर्व पार्षद भाजपा में शामिल हुए।
कोटद्वार में हरक की बढ़ी समस्या
भाजपा ने कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को कोटद्वार नगर निगम की जिम्मेदारी सौंपी है। सूत्रों की माने तो कोटद्वार से लैंसडोन विधायक दिलीप रावत की पत्नी को टिकट दिया, जबकि हरक की पसंद एक अन्य महिला प्रत्याशी थी। इतना ही नहीं हरक के लिए दूसरी बड़ी चुनौती कोटद्वार में डैमेज कंट्रोल की रहेगी। कोटद्वार नगर निगम से एक पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष की पत्नी भी निर्दलीय मेयर नामांकन दाखिल कर सकती हैं।
प्रदेश कार्यालय में असंतुष्टों का जमावड़ा
कई पालिकाओं में असंतोष के सुर तेज हो गए हैं। भाजपा प्रदेश कार्यालय में बड़ी संख्या में असंतुष्ट पहुंच रहे है। रविवार को हरिद्वार के शिवालिक नगर पालिका परिषद में घोषित प्रत्याशी का विरोध शुरू हो गया है। विरोधी खेमा पार्टी अध्यक्ष से मिलने प्रदेश कार्यालय पहुंचा था, जहां उनकी मुलाकात अन्य नेताओं से हुई है।