बोहरी गांव में आस्था का प्रतीक माने जाने वाला ग्यास पर्व की तैयारियां अंतिम चरण में है। मंदिर समिति माता रेणुका और परशुराम मंदिर परिसर में 22 नवंबर को रात्रि जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करेगा। अगले दिन सुबह देव डोली और चिह्वों को देव स्नान और श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बाहर लाया जाएगा। कार्यक्रम में जौनसार बावर सांस्कृतिक संवर्धन समिति से जुड़े कलाकारों के अलावा क्षेत्र के अन्य नामी कलाकार गीत और नृत्य प्रस्तुतियां देने पहुंचेंगे।
बोहरी गांव में माता रेणुका और परशुराम का ऐतिहासिक मंदिर है। इसके प्रति जौनसार बाबर जनजातीय क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब प्रदेश, देहरादून, हरिद्वार जिले सहित कई क्षेत्रों के लोग आस्था रखते हैं। 22 नवंबर को हवन किया जाएगा। दोपहर 2.00 बजे भजन कीर्तन के बाद श्रद्धालु देवता के नाम से मंदिर परिसर में रात लगाएंगे। 23 नवंबर की सुबह माता रेणुका और परशुराम की पालकी देव दर्शन और स्नान के लिए मंदिर के गर्भ गृह से बाहर आएगी। देव दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को भंडारे में प्रसाद वितरित किया जाएगा।
मंदिर समिति के अध्यक्ष अमर सिंह चौहान ने बताया कि ग्यास पर्व की तैयारी पूरी हो गई है। बोहरी गांव के लोगों के साथ ही खत उदपाल्टा के खतासा, कुरौली, नेवी व उत्पाल्टा आदि गांवों के लोग भी कार्यक्रम को सफल बनाने में मदद करेंगे।