कोतवाली क्षेत्र के व्यक्ति ने भांजी के पति, ससुर, दो ननद और एक अन्य महिला पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनकी भांजी का पति पहले से विवाहित था। भांजी से विवाह के बाद उसने एक और महिला से विवाह किया। पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या, दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कोतवाली प्रभारी विनोद सिंह गुसाईं ने बताया कि क्षेत्र के व्यक्ति ने कोतवाली में तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि उनकी भांजी के माता-पिता की मृत्यु हो गई है। उन्होंने ही उसका पालन-पोषण किया। पांच अक्तूबर 2022 को भांजी का विवाह हरबर्टपुर निवासी युवक से हुआ था। उसके पति, ससुर, दो ननद कम दहेज लाने के कारण उसे परेशान करने लगे। वे दो लाख रुपये और बाइक की मांग कर रहे थे। वर्ष 2023 में भांजी का पुत्र पैदा हुआ था। ससुरालवालों ने पुत्र को उसकी ननद को दे दिया। इससे भांजी और उसके पति के बीच तनाव रहने लगा था। 20 मार्च 2025 को ससुरालवालों ने मारपीट कर भांजी को घर से बाहर निकाल दिया। उस समय भांजी पांच माह की गर्भवती थी। उसने 28 मार्च को एसएसपी के समक्ष शिकायत की। काउंसलिंग के दौरान भांजी को पता चला कि उसके पति की पहले एक पत्नी है। उससे तलाक नहीं हुआ है। फिर समझौते के बाद भांजी ससुराल चली गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक कुछ दिन बाद भांजी ने बताया कि ससुरालवालों ने पति का एक अन्य महिला के साथ विवाह कर दिया है। उसने जान-माल के खतरे की बात भी कही थी।
29 जून 2025 को दामाद का फोन आया। उसने बताया कि उनकी भांजी की तबीयत खराब हो गई है। वह देहरादून के एक अस्पताल में हैं। दूसरी बार फोन आया है वह भांजी को विकासनगर के सरकारी अस्पताल में ले गए हैं। अस्पताल पहुंचने पर भांजी ने उन्हें बताया कि उसका गला बंद हो रहा है। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। ससुरालवालों ने उसे गलत चीज खिला दी है। उसके मुंह से झाग भी आ रहा था। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि पांचों आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या, दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।