राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विभिन्न स्वास्थ्य संकेतक और मानव संसाधन प्रबंधन के लक्ष्य पूरा नहीं करने पर 25 से 30 प्रतिशत तक बजट प्लान में कटेगा। मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में गिरावट लाने के साथ शत प्रतिशत टीकाकरण जैसे लक्ष्यों को पूरा करने का दबाव स्वास्थ्य विभाग पर रहेगा। अगर विभाग इन लक्ष्यों के अनुरूप प्रदर्शन करता है तो इनसेंटिव के तौर पर बजट में वृद्धि का तोहफा मिलेगा।
एनएचएम के तहत स्वास्थ्य कार्यक्रमों के मदों में कटौती कर 351 करोड़ रुपये केंद्र ने इस वित्तीय वर्ष के लिए स्वीकृत किए हैं। राज्य सरकार का प्रस्ताव 405.49 करोड़ रुपये का था। प्लान के तहत सरकार के लिए लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इनमें इनसेंटिव और जुर्माने का प्रावधान रखा है।
केंद्र का सर्वाधिक फोकस स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाने के साथ अस्पतालों का स्तर सुधारने पर है। बीते वर्ष विभाग की अनदेखी के चलते 374 करोड़ के स्वीकृत बजट से 107 करोड़ खर्च नहीं हुए थे। ऐसे में केंद्र के लक्ष्य हासिल कर इनसेंटिव प्राप्त करना चुनौती रहेगी।
यह है लक्ष्य
शिशु मृत्यु दर अधिकतम 7 प्रतिशत कम करना
मातृ मृत्यु दर 10 प्रतिशत तक घटाने का लक्ष्य
टीकाकरण 45 प्रतिशत से शत प्रतिशत करने पर
सीएचसी को गुणवत्ता प्रमाणिकता के दायरे पर लाने से 5 प्रतिशत इनसेंटिव
निशुल्क दवा योजना को लागू करने पर 5 प्रतिशत इनसेंटिव
निशुल्क डायग्नोस्टिक योजना लागू करने पर 5 प्रतिशत इनसेंटिव
मानव संसाधन डाटा संबंधित अपडेट नहीं करने पर 10 प्रतिशत का जुर्माना