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मरीजों पर आएगी आफत, प्रदेशभर में हड़ताल पर जाएंगे NHM कर्मी

Sat, 06 Aug 2016 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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हड़ताल - फोटो : demo
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मियों ने नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर स्वास्थ्य महानिदेशालय पर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार हर बार उन्हें कोरे आश्वासन देकर टाल रही है। लिहाजा आज (शनिवार) से प्रदेश भर के एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। संविदा कर्मियों ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
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शुक्रवार को एनएचएम के तहत कार्यरत संविदा कर्मियों ने स्वास्थ्य महानिदेशालय पर धरना देकर समस्याओं के निस्तारण की मांग की। उन्होंने सीएमओ कार्यालय पर भी धरना देकर विरोध जताया। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय चौहान ने बताया कि प्रदेश में करीब चार सौ डॉक्टर, 465 स्टाफ नर्स, 147 फॉर्मासिस्ट, 230 डाटा एंट्री ऑपरेटर, 95 प्रोग्राम मैनेजर, 375 एएनएम और 800 अन्य कर्मियों समेत कुल करीब 2600 कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए कार्य कर रहे हैं। सभी अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार हर बार उन्हें केवल कोरे आश्वासन देकर टाल रही है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी सभी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, आंदोलन जारी रहेगा।

हड़ताल से मरीज परेशान
एनएचएम के तहत कार्यरत चिकित्सकों, स्टाफ नर्स और अन्य कर्मियों के हड़ताल पर होने के कारण शुक्रवार को मरीज परेशान रहे। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही टीकाकरण, जांच, डिलिवरी और अन्य सेवाएं भी प्रभावित हुईं। स्वास्थ्य महानिदेशालय के संविदा कर्मी भी हड़ताल में शामिल रहे।
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आज से बढ़ेगी दिक्कत
कर्मियों ने आज से प्रदेश भर में हड़ताल पर रहने की चेतावनी दी है। डॉक्टर और सहायक स्टाफ के हड़ताल पर रहने से मरीजों की दिक्कत बढ़ जाएगी। वहीं, हड़ताल से टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होंगी। हालांकि, अधिकारी अन्य कर्मियों से काम कराने का दावा कर रहे हैं।
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कर्मियों की प्रमुख मांग
- पांच साल से ज्यादा समय से कार्यरत कर्मियों को राज्य कर्मियों की तर्ज पर नियमित किया जाए।
- वेतन विसंगति दूर की जाए।
- संविदा कर्मियों की एचआर पॉलिसी बनाई जाए।
- किसी भी कर्मी को सेवा से ना हटाया जाए।
- कर्मियों के संगठन को सरकार मान्यता दे।
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