एनएच-74 भूमि अधिग्रहण में हुए करोड़ों रुपये के भूमि मुआवजा घोटाले में सीबीआई जांच में हो रही देरी से अब उससे संबंधित रिकार्ड की सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगा है।
बताया जा रहा है कि इस रिकार्ड से छेड़छाड़ की कोशिश की जा रही है। उधर, प्रशासन का कहना है कि रिकार्ड डबल लॉक में है, लिहाजा इससे छेड़छाड़ संभव नहीं है। इतना जरूर है कि सीबीआई जांच में हो रही देरी से कांग्रेस को भी खुलकर खेलने का मौका मिल गया है।
घोटाले के इस मामले में भाजपा सरकार सीबीआई जांच की संस्तुति कर चुकी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत एक रिमाइंडर भी लिख चुके हैं। पर सीबीआई जांच में हो रही देरी से भूमि घोटाले से संबंधित रिकार्ड को खुर्द-बुर्द करने की कोशिश से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
घोटाले का खेल यूं तो जिले में अफसरों खुलकर खेला है, लेकिन सबसे ज्यादा मामले बाजपुर, गदरपुर क्षेत्र के हैं। मुआवजे घोटाले के दौरान तत्कालीन एसडीएम पर भी कई बड़े चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। यह भी आरोप लगने लगे हैं कि तत्कालीन एसडीएम ने उस दौरान भी सत्ता के एक मंत्री के संरक्षण में अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम किया।