एनएच-72 घोटाले के आरोपी किसान की जमानत याचिका स्पेशल कोर्ट ईडी ने खारिज कर दी। किसान पर आरोप है कि उसने अपनी जमीन को धोखाधड़ी से कॉमर्शियल दर्शाकर 11 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा सरकार से लिया है। उसे पिछले दिनों ईडी ने गिरफ्तार किया था। मामले में ईडी 2017 से जांच कर रही है।
बता दें कि एनएच घोटाले में कई अधिकारियों और किसानों के खिलाफ पुलिस ने ऊधमसिंहनगर में मुकदमा दर्ज किया था। ज्यादातर किसानों ने अपनी खेती की जमीन को आवासीय और कॉमर्शियल दर्शाकर अधिक मुआवजा लिया था। इनमें ज्यादातर किसान पंजाब मूल के थे। ईडी अमृतसर जिले के एक किसान परिवार की 10 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को अटैच भी कर चुकी है। मुकदमे में वांछित चरन सिंह निवासी गिरधर नगर, गुलारभोज, ऊधमसिंनहगर को भी कोर्ट ने बार-बार समन भेजे थे, लेकिन वह उपस्थित नहीं हो रहा था।
इसके बाद उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए। इस पर ईडी ने गत 24 मई को आरोपी चरन सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। चरन सिंह की ओर से अपनी जमानत के लिए स्पेशल ईडी जज प्रदीप पंत की कोर्ट में अर्जी लगाई गई थी। चरन सिंह के अधिवक्ता की ओर से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।
ईडी या पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं हैं, लेकिन अभियोजन की ओर से इस बात के पुख्ता साक्ष्य अदालत में पेश किए गए, जिनसे यह सिद्ध होता है कि चरन सिंह ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर अपनी जमीन को कॉमर्शियल दर्शाया और इसका 11 करोड़ रुपये अधिक मुआवजा हासिल किया। इस पर कोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।