एनएच-74 घोटाले में निलंबित आईएएस अफसर चंद्रेश यादव ने बहाली के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखकर अनुरोध किया है।
अनुरोध के पीछे तर्क है कि अखिल भारतीय सेवा नियमावली के प्रावधान के मुताबिक इस सेवा के किसी अफसर को राज्य सरकार 30 दिन तक ही निलंबित रख सकती है। निलंबन एक माह से आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार को इसकी वजह बताते हुए केंद्र से मंजूरी लेनी होगी। चंद्रेश का कहना है कि 30 दिन की अवधि पूरी हो चुकी है और राज्य ने निलंबन बढ़ाने के लिए केंद्र को कुछ नहीं लिखा है। कार्मिक विभाग चंद्रेश के इस अनुरोध (प्रत्यावेदन) का परीक्षण कर रहा है।
राज्य सरकार ने ऊधमसिंह नगर जिले के एनएच-74 घोटाले में दो आईएएस अफसरों पंकज पांडेय और चंद्रेश यादव को विगत 11 सितंबर को निलंबित कर दिया था। पंकज पांडेय के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति के लिए राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार को पत्र भेजा गया है। जबकि चंद्रेश यादव के बारे में ऐसा कोई पत्र केंद्र को नहीं भेजा गया है।
राज्य सरकार को भेजे अनुरोध पत्र में उल्लेख किया गया है कि अखिल भारतीय सेवा (डीएंडए) रूल्स-1969 के तहत केंद्रीय कार्मिक प्रशिक्षण एवं पेंशन विभाग ने 26 मई-2016 को एक अधिसूचना संख्या 11018/01/2013 एआईएस जारी की है। इस अधिसूचना की धारा-चार में कहा गया है कि अखिल भारतीय सेवा के किसी अफसर को निलंबित करने की दशा में राज्य सरकार को 15 दिन के अंदर एक विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजनी होगी। इसी अधिसूचना की धारा-पांच में कहा गया है कि राज्य सरकार की ओर से किया गया निलंबन 30 दिन तक ही मान्य होगा। इससे आगे 30 दिन का निलंबन और बढ़ाने के लिए राज्य सरकार को ऐसा करने की वजह बताते हुए केेंद्र सरकार की मंजूरी लेनी होगी।