एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में निलंबित आईएएस डॉ. पंकज पांडेय के खिलाफ शासन ने अभियोजन चलाने की अनुमति दे दी है। 12 सितंबर को एसआईटी ने पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति लेने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी थी।
शासन ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को मंजूरी के लिए मामला भेजा। डीओपीटी ने यह कहकर फाइल लौटा दी थी कि प्रकरण पर निर्णय लेकर उन्हें अवगत करवाएं। अब कार्मिक विभाग दोबारा डीओपीटी को मामला भेजेगा। डीओपीटी अभियोजन आदेश पर अंतिम निर्णय लेगा।
घोटाले में आईएएस पंकज पांडेय और चंद्रेश यादव के खिलाफ अनियमितता के साक्ष्य मिलने के बाद एसआईटी ने जुलाई में जांच रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। रिपोर्ट के आधार पर अगस्त प्रथम सप्ताह में एसआईटी को दोनों अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति मिली।
12 अगस्त को एसआईटी ने दोनों अधिकारियों से पूछताछ कर शासन को रिपोर्ट भेजी। 11 सितंबर को दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया। 12 सितंबर को पांडेय के खिलाफ अभियोजन अनुमति लेने के लिए शासन को पत्र जिसे डीओपीटी भेजा गया।
पांडेय पर एसआईटी द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के साथ ही सरकार की वित्तीय प्रक्रियाओं, शासनादेशों और दिशा-निर्देशों का उल्लंघन और सरकारी भूमि को निजी स्वामित्व की भूमि दिखाने और अवैध कब्जेदारों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई न करते हुए उन्हें लाभार्थी बनाकर करोड़ों का मुआवजा भुगतान करने के आरोप लगाए गए हैं।