मामले के अनुसार ऊधमसिंह नगर निवासी महेंद्र सिंह सहित अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि एनएच-74 चौड़ीकरण के दौरान बैक डेट में कृषि भूमि की श्रेणी बदलकर दस गुना मुआवजा बांट दिया गया। याचिकाकर्ता की ओर से इस घोटाले की सीबीआई जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि आईएएस पंकज पांडे के खिलाफ चार्जशीट दायर करने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति ली जा रही है, जो अब तक नहीं मिली है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में जो भी अनुमति लेनी हो लेकर दो सप्ताह में कोर्ट को जानकारी दी जाए।