यह है मामला
एनएच 74 घोटाले में एसआईटी ने वर्ष 2017 में 2011 करोड़ रुपये घोटाले की पुष्टि की थी जिसमें कई अधिकारी, कर्मचारी व किसान शामिल रहे। इसमें किसानों की कृषि योग्य भूमि को अकृषि दिखाकर यह कार्य किया। 1 मार्च 2017 को तत्कालीन आयुक्त सेंथिल पांडियन ने घोटाले की आशंका जताई। जिला अधिकारी ऊधमसिंह नगर को जांच के आदेश दिए।
जांच सही पाए जाने पर तत्कालीन एडीएम प्रताप साह ने पंतनगर के सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज कराया। घोटाले में उक्त के अलावा कई लोगों के नाम सामने आए जिन्हें जेल भेज दिया गया। दो आईएएस अधिकारी भी मामले में निलंबित हुए थे। अभी एनएच 74 घोटाले के आरोपी जमानत पर हैं।