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एनएच-74 घोटाला: सरकारी गवाह भी बनाए गए आरोपी, अब 50 के खिलाफ जारी होगी चार्जशीट

Wed, 08 Aug 2018 08:05 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर
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घोटाला - फोटो : amar ujala
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एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में तत्कालीन अफसरों की मदद से बैक डेट में भूमि का 143 कराकर करोड़ों का मुआवजा लेने वाले 15 और किसानों को एसआईटी ने आरोपी बनाया है। वहीं एसआईटी की जांच के दायरे में आए आईएएस पंकज पांडे और चंद्रेश यादव से एसआईटी 12 अगस्त तक पूछताछ कर लेगी।

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अब एसआईटी कुल 50 काश्तकारों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करेगी। इसमें एसआईटी की ओर से सरकारी गवाह बनाए गए चार काश्तकार भी शामिल हैं। जेल भेजे गए निलंबित पीसीएस अधिकारी तीरथपाल और प्रभारी तहसीलदार के खिलाफ भी एसआईटी आरोप पत्र तैयार कर रही है। माना जा रहा है कि शुक्रवार तक एसआईटी इन सभी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर सकती है। 

भूमि मुआवजा घोटाले में अफसरों की मिलीभगत से करोड़ों का मुआवजा डकारने वाले 39 किसानों को एसआईटी ने चिह्नित कर उन्हें आरोपी बनाया था। इनमें चार काश्तकार कोर्ट में 164 के कलमबंद बयान देकर सरकारी गवाह बन गए थे, लेकिन इन लोगों ने मुआवजे की पूरी रकम सरकार को वापस नहीं की थी। मुआवजा लेने वाले अन्य किसानों की तरह ही एसआईटी ने इसे आपराधिक कृत्य मानते हुए अब उन्हें भी अपनी विवेचना में आरोपी बनाया है। 
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साथ ही बाजपुर तहसील के 11 काश्तकारों ने एसआईटी के समक्ष मुआवजा लौटाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन तय समय पर मुआवजे की रकम वापस नहीं की गई, जिसे देखते हुए एसआईटी ने इन्हें भी मामले में आरोपी बनाया है। अब एसआईटी पहले से चिह्नित किए गए 35 काश्तकारों के साथ ही उक्त 15 काश्तकारों को भी शामिल कर आरोप पत्र तैयार करने में जुटी है।

इधर, बीती नौ जुलाई को एसआईटी के समक्ष सरेंडर करने वाले निलंबित पीसीएस अधिकारी तीरथपाल और बेड़ीनाग से गिरफ्तार किए गए प्रभारी तहसीलदार रघुवीर सिंह के खिलाफ भी एसआईटी आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में है। तीरथपाल और रघुवीर सिंह के खिलाफ बैक डेट में छह जमीनों की 143 कर कृषि भूमि को अकृषि दर्शाने का आरोप है। 
 
50 काश्तकारों का मामला 
एसआईटी की ओर से आरोपी बनाए गए 50 काश्तकारों में से 39 ने बैक डेट में अपनी भूमि की 143 कराई थी। इनमें से से चार ने सरकारी गवाह बनने के बाद भी मुआवजा नहीं लौटाया और 11 किसानों ने मुआवजा लौटाने का आवेदन करने के बाद भी तय समय पर मुआवजा नहीं लौटाया।

आईएएस पंकज पांडे, चंद्रेश यादव से 12 तक हो जाएगी पूछताछ
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में आर्बिट्रेशन के मामलों में अनियमितता मिलने के बाद एसआईटी की जांच के दायरे में आए आईएएस पंकज पांडे और चंद्रेश यादव से एसआईटी 12 अगस्त तक पूछताछ कर लेगी। एसआईटी ने दोनों अधिकारियों को नोटिस भेजकर बयान दर्ज करने के लिए 12 अगस्त तक का समय दिया है। इससे पहले भेजे गए नोटिस में दोनों आईएएस अधिकारियों ने 18 अगस्त तक का समय मांगा था। भूमि मुआवजा घोटाले में तत्कालीन अफसरों और काश्तकारों की जांच के बाद आर्बिट्रेशन के भी कुछ मामलों में अनियमितताओं के प्रकरण एसआईटी के सामने आए थे। मामलों में साक्ष्य जुटाने के लिए एसआईटी ने तत्कालीन एसएलओ डीपी सिंह और अनिल शुक्ला की ओर से पारित किए गए अभिनिर्णय आदेशों की जांच की।

जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि दोनों एसएलओ की ओर से पारित किए गए 16 अभिनिर्णयों के वाद  तत्कालीन डीएम पंकज पांडे और चंद्रेश यादव के आर्बिट्रेशन न्यायालय में दायर हुए थे। सभी वादों में उक्त आर्बिट्रेटरों की ओर से पारित किए गए संशोधित अभिनिर्णय के आधार पर एनएचएआई ने काश्तकारों को करोड़ों का मुआवजा बांट दिया। एक मामला ऐसा भी पाया गया, जिसमें आर्बिट्रेटर ने अपना तबादला होने के बाद भी फैसला सुना दिया।

अनियमितताओं के साक्ष्य मिलने के बाद एसआईटी ने कुछ दिन पूर्व करीब सवा चार सौ पन्नों की रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपी थी। शासन से पूछताछ की अनुमति मिलने के बाद एसआईटी ने दोनों अधिकारियों को नोटिस भेजा था, जिसके जवाब में उन्होंने 18 अगस्त तक अपना बयान देने की बात एसआईटी से कही, लेकिन एसआईटी की जांच अपने अंतिम चरण में होने के कारण एसआईटी ने इस समयावधि को अधिक मानते हुए अब एक और नोटिस भेजकर दोनों आईएएस से 12 अगस्त तक अपने बयान दर्ज करने को कहा है। माना जा रहा है कि एसआईटी 12 अगस्त तक देहरादून पहुंचकर दोनों आईएएस अधिकारियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज कर लेगी।

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