एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में एसआईटी जांच के दौरान चर्चा में रहे कांग्रेस कमेटी के खाते की जांच में अब तक एसआईटी को करीब चार लाख रुपये का ब्योरा मिला है। खाते की जांच के लिए एसआईटी ने पांच निजी बैंक अधिकारियों के साथ ही 10 काश्तकारों से पूछताछ की थी। एसआईटी खातों में डाली गई इस रकम के स्रोत की जांच पड़ताल भी कर रही है।
विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नाम से खुले खाते को पार्टी के दो नेताओं की ओर से संयुक्त खातेदार बनकर संचालित किया गया था। भूमि मुआवजा घोटाले में जब एसआईटी ने मनी ट्रेल की जांच की तो कुछ किसान और बिल्डरों की ओर से उक्त खाते में रकम डाले जाने की पुष्टि हुई।
मामले में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सहित पूर्व सीएम हरीश रावत का बयान भी सामने आया था, जिसमें उन्होंने खाते में चंदे के रूप में पांच करोड़ रुपये जमा होने की बात कही थी। खाते की पूरी जांच के लिए एसआईटी ने बैंकों से खाताधारकों का ब्योरा मिलने के बाद पांच निजी बैंकों के अधिकारियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। साथ ही 10 किसानों से भी पूछताछ की गई।
सूत्रों के अनुसार, बैंक अधिकारियों और काश्तकारों से पूछताछ के बाद एसआईटी को अब तक की जांच पड़ताल में खाते में डाली गई चार लाख की रकम का ब्योरा मिल गया है। माना जा रहा है कि आगे की जांच के लिए एसआईटी कुछ और किसानों से पूछताछ करने के साथ ही बैंकों में भी जांच कर सकती है।