उन्होंने सिडकुल स्थित हिंदुस्तान लीवर के ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया और बरसात में उसकी क्षमता देखने के लिए पीसीबी के अधिकारी को निर्देश दिया। सराय में नमामि गंगे से निर्मित सीवर शोधन संयंत्र को देखा और एक महीने में चालू करने का निर्देश परियोजना अधिकारी को दिया।
प्लांट का संचालन कर रहे केआरएल के अधिकारियों ने टीम को बताया कि प्लांट चालू हो गया है और छह महीने के अंदर समस्त कूड़े का निस्तारण दिया जाएगा। वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. कैलाश गुंज्याल ने एनजीटी की टीम से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना का रुका हुआ नौ करोड़ रुपये दिलवाने का अनुरोध किया।
एनजीटी की टीम ने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के प्रेमनगर आश्रम की सीवर व्यवस्था देखी, होटल क्रिस्टल गंगा के बायो जायजेस्टर सिस्टम को देखा, भूपतवाला लोकनाथ नाला देखने के बाद जगजीतपुर जाकर अनुरक्षण इकाई जल संस्थान के 27 व 18 एमएलडी के सीवर शोधन प्लांट (एसटीपी) का भी निरीक्षण किया। इस मौके पर निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) के परियोजना प्रबंधक आरके जैन, अनुरक्षण इकाई जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अजय कुमार आदि मौजूद थे।