एनजीटी बार एसोसिएशन का आरोप है कि पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू ने देहरादून में 20 नवंबर, 2012 को वन क्षेत्र में नत्थूराम नाम के काल्पनिक व्यक्ति से प्लॉट खरीदा और 13 मार्च, 2013 को उसका लैंड यूज बदल दिया। साथ ही वन्य क्षेत्र में मौजूद कीमती साल के पेड़ों को अवैध तरीके से कटवाया।
यहां से शुरू हुई थी मामले की छानबीन
9 मार्च, 2013 को मसूरी वन विभाग को संबंधित क्षेत्र में साल के चार पेड़ और 18 मार्च, 2013 को 21 पेड़ों को अवैध तरीके से काटे जाने की सूचना मिली। जांच में पाया गया कि यह जमीन बीएस सिद्धू ने खरीदी है। इसी दौरान सिद्धू को डीजीपी बना दिया गया था।