बेटी बचाओ जागरूकता अभियान भी लोगों की सोच को नहीं बदल पाया है। इसकी बानगी जिला अस्पताल परिसर में शनिवार सुबह एक नवजात कन्या की लाश मिलने से सामने आई है। इसकी जानकारी मिलते ही प्रभारी जिलाधिकारी आशीष चौहान जिला अस्पताल पहुंचे।
उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए इस गंभीर मामले में मुख्य चिकित्साधीक्षक से जवाब तलब किया है। साथ ही जांच के लिए एडीएम, सीएमओ और सीओ की तीन सदस्यीय कमेटी बना दी है।
जिला अस्पताल के होम्योपैथिक कक्ष में नवजात बच्ची की लाश किसने फेंकी यह रहस्य बना हुआ है। प्रभारी जिलाधिकारी ने इस बात पर सख्त नाराजगी जताई कि अस्पताल के सीसीटीवी खराब पड़े हैं। अस्पताल में सिर्फ आपात कक्ष में एक डॉक्टर ड्यूटी पर तैनात था।
अस्पताल के कई कर्मचारी नदारद मिले। कुछ कर्मचारियों को तो दस-दस दिन का आकस्मिक अवकाश मंजूर था। अस्पताल में सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं मिला। प्रभारी डीएम ने कहा कि जिले में पिछले नौ माह के भीतर जितनी गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण हुआ है उन सबके रिकार्ड सील किए जाएंगे।