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नहीं पहुंची 108, सड़क किनारे जन्मे नवजात की दर्दनाक मौत

Fri, 09 Sep 2016 03:53 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, डोईवाला
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प्रतीकात्मक चित्र: नवजात शिशु
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देहरादून के डोईवाला में 108 आपातकालीन एंबुलेंस के सूचना के तीन घंटे बाद पहुंचने के कारण नवजात की मौत हो गई।
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इसके समय पर न पहुंचने पर दर्द से कराह कर गर्भवती महिला ने बच्चे को सड़क पर ही जन्म दिया। बाद में किसी तरह महिला और बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोईवाला पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर दून अस्पताल रेफर किया गया है। सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ को मामले की जांच सौंपी है। वे दस दिन में अपनी रिपोर्ट देंगे।
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सड़क किनारे ही बच्चे को जन्म दे दिया

108 एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
गुर्जर बस्ती मणिमाई मंदिर जंगल में गुर्जर डेरे में रहने वाले मोहम्मद शफी की पत्नी नेक बीबी गर्भवती थी। बुधवार को जांच के लिए वह डोईवाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आई थी।

अस्पताल चिकित्सक के अनुसार प्रसव में अभी कुछ समय होने की बात कही गई। जरूरी जांच के बाद शफी अपनी पत्नी को लेकर डेरे पर आ गए। लेकिन बृहस्पतिवार सुबह तड़के तीन बजे ही उसको प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।

परिजन ने 108 आपातकालीन एंबुलेंस को बुलाया। वहीं, वे गर्भवती महिला को लेकर अपने घर से 200 मीटर दूर हाईवे तक आ गए। तीन घंटे तक जब 108 नहीं पहुंची तो महिला ने सड़क किनारे ही बच्चे को जन्म दे दिया।

बच्चे के जन्म के कुछ देर बाद 108 एंबुलेंस वहां पहुंची, तब परिजन महिला और बच्चे को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोईवाला पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। महिला को अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति को देखते हुए दून अस्तपाल रेफर किया गया है।
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डिप्टी सीएमओ को सौंप दी गई है जांच

ईडी ने नारंग की दो करोड़ उनतीस लाख चवालीस हजार से ज्यादा की संपत्ति एवं बैंक धनराशि को जब्त किया है।
बीते दिन महिला अस्पताल में जांच के लिए आई थी। जांच के बाद बच्चेदानी के नहीं खुलने और प्रसव पीड़ा नहीं होने पर प्रसव में समय होने की उम्मीद थी। लिहाजा परिजन महिला को घर लेकर चले गए। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
- डॉ. सुधीर पांडेय, चिकित्साधीक्षक, सीएचसी डोईवाला

जांच करने वाले डॉक्टर के स्तर पर क्या लापरवाही हुई, इसकी जांच डिप्टी सीएमओ को सौंप दी गई है। जो 10 दिन में अपनी जांच रिपोर्ट देंगे। जांच में यदि लापरवाही पाई गई तो चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. वाईएस थपलियाल, सीएमओ देहरादून

लक्ष्मणसिद्ध गुर्जर बस्ती से बृहस्पतिवार की सुबह सबसे पहले कॉल तीन बजकर एक मिनट पर आई। काल पर गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने की सूचना दी गई। सूचना के बाद तीन बजकर छह मिनट पर डोईवाला से एंबुलेंस चली। इसी बीच 3.17 बजे पर फिर कॉल आई कि एंबुलेंस की जरूरत नहीं है। एंबुलेंस रास्ते से वापस आ गई। फिर पांच बजकर 14 मिनट पर कॉल आई कि एंबुलेंस भेज दो। इसी दौरान डोईवाला एंबुलेंस किसी दूसरी सेवा में चली गई। हमने तुरंत देहरादून से एंबुलेंस भेजी जो 6.20 बजे मौके पर पहुंची। तब तक मृत बच्चे का जन्म हो चुका था। फिर  एंबुलेंस 6.45 बजे महिला और बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंची। इसमें 108 सेवा को दोष देना उचित नहीं है।
- मोहन राणा, मीडिया प्रभारी 108 सेवा देहरादून 
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